0 कहा-समाज के बीच भ्रम पैदा कर बदनाम करने की साजिश की जा रही
0 मस्जिदों के ईमाम की सरपरस्ती में मनेगी ईद-मिलादुन्नबी

कोरबा(खटपट न्यूज़)। मरकजी सीरत कमेटी के मिर्जा आसिफ बेग अध्यक्ष बने रहेंगे। शहर के 5 मस्जिदों सहित कई मुस्लिम कमेटियों ने उन्हें अपना समर्थन दिया है। यह निर्णय सुन्नी मुस्लिम जमात के सदर हाजी अखलाक खान के द्वारा 24 अगस्त को प्रेस क्लब में पत्रवार्ता आहूत कर मरकजी सीरत कमेटी के पदाधिकारियों को भंग करने की सूचना के जवाब में सामने लाया गया है।
सीरत कमेटी का हिसाब-किताब नहीं देने और बैठक में उनके साथ अभद्र व्यवहार, विवाद और हाथापाई करने का आरोप मरकजी सीरत कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा आसिफ बेग (नीशू) पर लगाते हुए जमात द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार पदाधिकारियों को भंग करने का ऐलान के जवाब में मरकजी सीरत कमेटी के सदर मिर्जा आसिफ बेग, सेक्रेटरी मोहसीन मेमन, सुन्नी मुस्लिम जमात कोरबा के अध्यक्ष आरिफ खान, मेमन जमात कोरबा के अध्यक्ष फारूख मेमन, मो. आवेश कुरैशी के द्वारा पत्रवार्ता आहूत कर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। आसिफ बेग ने बताया कि पिछले कार्यकालों में कमेटी द्वारा किए गए कार्यों का ब्यौरा, सारा हिसाब-किताब चस्पा किया जा चुका है और इसके बाद भी ऐसे आरोप लगाना समाज के बीच भ्रम पैदा करना एवं बदनाम करने की साजिश व समाज को बांटने का प्रयास है। 11 अगस्त को हुई मरकजी सीरत कमेटी की बैठक की जानकारी नहीं देने का आरोप जामा मस्जिद के सेके्रटरी हाजी अखलाक खान ने लगाया है जबकि बैठक ऐलान स्वयं उन्होंने ही जामा मस्जिद में किया था। बैठक में मिर्जा आसिफ बेग पर विभिन्न आरोप लगाते हुए अध्यक्ष पद से हटाए जाने का प्रस्ताव रखा गया जिससे समाज के लोगों में नाराजगी हुई तो वे मिटिंग से चले गए और अभद्र व्यवहार जैसा झूठा आरोप लगाया है। आसिफ बेग ने कहा कि ईद-मिलादुन्नबी आयोजन के लिए अखलाक खान द्वारा मरकजी सीरत कमेटी को चंदा न दिए जाने की बात को आवाम ने नकार दिया है। कमेटी को भंग किए जाने की जानकारी भ्रामक है और बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने मिर्जा आसिफ बेग के पूर्व कार्यकाल की प्रशंसा कर पुन: सीरत कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने का निर्णय लिया है और मेमन जमात की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ है कि इस वर्ष मिलादुन्नबी सारे मस्जिदों के इमाम की सरपरस्ती में निकाली जाएगी। इस पर विभिन्न कमेटी ने अपना समर्थन दिया है।















