कोरबा (खटपट न्यूज)। नगर निगम के प्रशासनिक भवन साकेत से हटाकर निगम का नया सभाकक्ष बनाने के प्रस्ताव पर पूर्व महापौर ने कहा है कि निगम क्षेत्र के विकास कार्यों पर ध्यान देने की बजाय अपने भोग-विलासिता के लिए साकेत भवन से प्रशासनिक भवन अलग कराया जाना समझ से परे है। आखिर नगर निगम के कार्यों में ऐसी कौन सी आपदा (विपत्ति) आ गई थी कि नए सभागृह के लिए राजस्व मंत्री को आपदा प्रबंधन मद से 5 करोड़ की राशि देनी पड़ रही है। पूर्व महापौर जोगेश लाम्बा ने इस प्रस्ताव को कई सवालों के घेरे में लाया है।

















