
कोरबा(खटपट न्यूज़)। देश और समाज के विकास के लिए अपनी जमीन-खेत के साथ स्वाभिमान की आहुति देने वाले मूल निवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की समस्या से यह बड़ा वर्ग जूझ रहा है किन्तु उनकी समस्या का निराकरण होने की बजाय समस्या और विकराल होते जा रही है | इन्हीं सवालों को लेकर 25 मार्च 2021 को हरदीबाजार में भूविस्थापित-किसान अधिकार सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव संगठन की ओर से किया गया है।

ऊर्जाधानी भूविस्थापित-किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने भू-विस्थापितों से आव्हान किया है कि हम सब मिलकर उपरोक्त विषयों के समर्थन में अपनी फौलादी एकता का परिचय देते हुए हरदीबाजार में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में शामिल होकर शासन और प्रशासन से अपने हक और अधिकार के लिए आवाज बुलन्द करें। श्री कुलदीप ने कहा है कि भूविस्थापितों के सहयोग के बिना यह सम्मेलन संभव नहीं है | भूविस्थापित तन ,मन, धन से सहयोग और सम्मेलन की सहमति प्रदान करें क्योंकि यह लड़ाई खुद भूविस्थापितों के लिए है।
0 19 सूत्रीय मांगों पर एक नजर :-
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- परियोजना एवं एरिया स्तर पर पुनर्वास समिति का गठन किया जाये ।
- कोरबा जिले में पेसा कानून का कड़ाई से पालन किया जाये |
- सभी खातेदार को रोजगार चार गुना मुआवजा और बेहतर पुनर्वास की व्यवस्था करो।
- प्रभावित परिवार के बेरोजगारों द्वारा बनाई गई सहकारी समितियों/फर्म/ कंपनी को ठेका कार्य (कोयला परिवहन, पानी छिड़काव, LMV हायरिंग, क्लीनिंग वर्क व अन्य) में 20%आरक्षण दो। स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता दो |
- लंबित रोजगार ,मुआवजा बसाहट के प्रकरणों का तत्काल निराकरण करो।
- गांव का आंशिक जमीन अधिग्रहण पर रोक लगाओ।
- भूविस्थापित किसान परिवार के बच्चों को नि:शुल्क प्राथमिक-उच्च शिक्षा दो।
- जिला खनिज न्यास निधि का प्रभावित ग्रामों के शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर खर्च करो।
- पूर्व में अधिग्रहित जमीन वास्तविक खातेदारों को वापस करो, नया अधिग्रहण कानून का पालन करो।
- रोजगार गारंटी में 200 दिन का काम और 300 रूपये मजदूरी दो, बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान करो |
- बिना भेद-भाव वनभूमि का पट्टा दो, आवास योजना में कम से कम चार लाख रुपये दिया जाये।
- सभी ग्राम पंचायतों को ग्रामसभा का पूर्ण अधिकार दो, धारा 40 का दुरुपयोग बंद करो।
- सभी ग्राम एवं वार्डों के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड की व्यवस्था करो।
- असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए ग्राम स्तर पर पंजीयन किया जाये और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करो।
- किसानों का सभी कर्ज माफ करो, समर्थन मूल्य में धान खरीदी में भेदभाव करना बंद करो।
- महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार सृजन ,कौशल उन्नयन की व्यवस्था करो और स्थानीय उद्योगों में नियोजित करो।
- माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के चुंगल में फंसी स्वयं सहायता समूह की बहनों का कर्जा माफ़ कराया जाए |18. चिटफंड कम्पनियों में जमाकर्ताओ का जमा पैसा वापस कराया जाए |
- राजस्व मामला,फौती, नामन्तरण बटांकन,त्रुटी सुधार आदि समस्या का हर गाँव में शिविर आयोजित कर निवारण किया जाये |














