Monday, March 23, 2026
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भूविस्थापितों का अल्टीमेटम : 15 दिनों के अंदर मुआवजा भुगतान नहीं करने पर होगा आंदोलन

0 अमगांव पंचायत के प्रभावितों के लंबित मुआवजा को लेकर आम आदमी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन

कोरबा । पाली विकासखंड उप-तहसील हरदीबाजार के ग्राम पंचायत अमगांव को एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के द्वारा सन 2004 व 2009 में दो चरणों में अधिग्रहित किया जा चुका है। मकानों की नापी एसईसीएल गेवरा व राज्य शासन ने जांच व सर्वे कराकर 4 चरणों में नापी करके पावती दिया जा चुका है।

प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि विगत लगभग 5 वर्ष बीत जाने के बाद भी एसईसीएल गेवरा प्रबंधन ने नापी किए गए मकानों का आज तक मुआवजा का भुगतान नहीं किया है और पात्र व्यक्तियों को साजिश करके अपात्र कर मुआवजा भुगतान को रोक दिया गया है।

प्रभावित ललित महिलांगे ने बताया कि चार चरणों में नापी किए गए मकानों की एक हिस्सा के मकानों की मुआवजा राशि को एसईसीएल गेवरा प्रबंधन ने भुगतान अभी तक नहीं किया है जबकि उप-तहसील हरदीबाजार के आसपास के गांवों के मकानों को अपने खदान प्रबंधन कार्य के लिए नापी कर कब्जा किया गया था जिसमें उस गांवों के प्रत्येक आश्रित परिवारों के मकानों का मुआवजा बसाहट दिया गया परंतु अमगांव ग्राम पंचायत के 111 आश्रित परिवारों को तब से लेकर आज तक किसी भी प्रकार की मुआवजा बसाहट और ना ही अन्य सुविधा दिया गया है। आम आदमी पार्टी के कोरबा जिला अध्यक्ष सत्येंद्र यादव ने बताया कि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल द्वारा एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के अधिकारियों एवं ग्रामीणों से बात किया गया जिसमे एसईसीएल नोडल अधिकारी अभिताब तिवारी के द्वारा जानकारी दिया गया कि हम लोग इन लोगों का मुआवजा देना चाहते हैं पर राज्य शासन, अनुविभागीय अधिकारी का लिखित आदेश नहीं मिला है।

आप पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि जब ग्रामीणों से चर्चा किया तो प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व नायब तहसीलदार अभिषेक राठौर द्वारा ग्रामीणों से पैसे की मांग किया गया जो नहीं देने पर अपने ही जांच प्रतिवेदन को गलत बताते हुए पात्र व्यक्तियों को अपात्र लिखकर एसईसीएल गेवरा परियोजना को भेज दिया गया। इस तरह की यह पहली घटना है कि नापी कर पावती देने के बाद भी मुआवजा भुगतान नहीं किया जा रहा है।

सत्येंद्र यादव ने डिप्टी कलेक्टर अजय उरांव से ज्ञापन देने के दौरान चर्चा किया कि प्रभावित ग्रामीणों की मुआवजा राशि का हक की भुगतान जल्द से जल्द किया जाना चाहिये। 15 दिनों के अंदर आश्रित परिवारों को मकानों का मुआवजा भुगतान नहीं करने की स्थिति पर मजबूरन बाध्य होकर कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए ग्रामीणों के साथ मिलकर विभिन्न आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते वक्त संतोष महिपाल, दीपक लहरे, ललित महिलांगे, अनिल टंडन (जनपद सदस्य), शीला बाई, पूनसाय, श्यामलाल सतनामी, भूपेंद्र भारद्वाज, रमेश आदि उपस्थित थे।

         
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