
कोरबा जिले से एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम में महापौर राज किशोर प्रसाद ने अपना इस्तीफा दे दिया है। इसी तरह पार्टी में बनते- बिगड़ते हालातों के बीच भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह ने भी अपना इस्तीफा पार्टी आलाकमान को भेज दिया है।

कोरबा(खटपट होली)। राजनीति के दो ध्रुव कांग्रेस और भाजपा में राजनीतिक हलचल तेज होने के साथ ही कई तरह के कयास भी लगाए जाने लगे हैं। महापौर राज किशोर प्रसाद ने इस्तीफा के लिए एक बड़ी वजह बताया है कि उन्हें मनमाफिक काम करने नहीं दिया जाता बल्कि हवा का दबाव की तरह उन पर भी एक दबाव बना रहता है। वर्षों से मन में आग फूट रही थी जो होली के दिन अचानक निकल पड़ी। उन्होंने होली खेलने के बाद आनन-फानन में साकेत भवन पहुंचकर अपने कक्ष में समर्थकों की बैठक बुलाई और उनकी रजामंदी से अपना इस्तीफा सौंप दिया। बड़ी बात यह है कि होली खेलने के दौरान भांग- ठंडाई का उपयोग करने के बाद भी जो समर्थक जिस हालत में था, दौड़ा-भागा उसी हालत में साकेत पहुंच गया। यह महापौर की लोकप्रियता को दर्शाता है।

इधर दूसरी ओर बड़े भईया महापौर राज किशोर प्रसाद का अनुसरण करते हुए भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह ने भी एक ही गांव-देश-समाज का होने के नाते भाईचारे का फर्ज निभाते हुए इस्तीफा लिख दिया है। इनका कहना है कि जब से अध्यक्ष बने हैं तब से उन्हें डॉक्टर की नजर से ही देखा जा रहा है, अध्यक्ष की तरह नहीं। खींचतान करने वालों की कमी नहीं रह गई और इसके चक्कर में वे न तो डॉक्टरी कर पा रहे हैं और न ही अध्यक्ष की कुर्सी संभाल पा रहे हैं। हालांकि उन्हें अपने समर्थक कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है लेकिन टांग खींचने वाले उन्हें कहीं का नहीं छोड़ रहे हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव में वह विधायक की लड़ने की मंशा रखे हुए हैं और इसके लिए जमीन तैयार करने जिलाध्यक्ष के तामझाम छोड़कर आम लोगों के बीच गहरी पैठ बनाने के लिए आम कार्यकर्ता की तरह जाने का मन बना लिया है। डॉ. सिंह ने पार्टी आलाकमान से कहा है कि वे कोई रंज ना रखें क्योंकि यह होली है और होली में जब उनके मुंह में भांग की गोली है तो फिर कुछ भी अनाप-शनाप हो ही सकता है। ( बुरा ना मानो होली है)
00 सत्या पाल 00 (7999281136)















