Wednesday, March 25, 2026
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बड़ा सवाल : आखिर 50 लाख के सोना का दावेदार कौन…? तलाश रही पुलिस, टूट नहीं रही कैशियर की खामोशी….

जप्त सोने की बिस्किट

कोरबा,(खटपट न्यूज़)। दीपका क्षेत्र में संचालित एक निजी कोयला कंपनी के सैनिक माइनिंग कैम्प में की गई लूट के मामले में उजागर हुआ 1 किलो सोना आखिर किसका है? पुलिस इस सोने के बिस्कुट का दावेदार तलाश रही है। जिसके कब्जे से यह सोना मिला है, वह कुछ भी खुलकर अब तक नहीं बता रहा कि सोना उसी का है या किसी ने रखवाया या कंपनी के ही किसी शख्स का है जो बहुत प्रभावशाली है और उसे बचाने की कोशिश हो रही है? ऐसे तमाम तरह के संदेह और आशंकाएं हालातों को देखते हुए उभरे हैं। इस बीच पुलिस जल्द खुलासा करने का भी दावा कर रही है।

सैनिक माइनिंग कैंप में 3-4 अक्टूबर की मध्य रात्रि 1 से 2 बजे के बीच घुसे 3 लोगों के द्वारा दो सुरक्षा गार्डों को मारपीट कर कमरे में बंधक बनाने के बाद कैश रूम के ईट निर्मित अलमारी को तोड़कर में रखे लाखों रुपए लूट लिए गए। पहले 31 लाख का शोर हुआ बाद में सुरक्षा गार्ड देवी प्रसाद साहू ने 20 लाख रुपए की लूट होना बताया। सुरक्षा गार्ड ने अपनी रिपोर्ट में तीनों आरोपियों को देखकर पहचान लेने की बात कही, हालांकि बाद में गार्डों ने इससे इनकार भी कर दिया कि सही तरीके से लुटेरों का चेहरा नहीं देख पाए थे। इन विरोधाभासी बयानों के बीच मामले की तफ्तीश में लगी पुलिस ने वारदात के दूसरे ही दिन कंपनी के कैशियर जवाहर प्रसाद श्रीवास्तव के घर से 10 लाख 60 हजार रुपए नगद और इसके दूसरे दिन 1 किलो सोने का बिस्कुट कीमती 50 लाख रुपए को बरामद किया। जवाहर प्रसाद ने यह रकम लूट की रकम का होना बताया लेकिन सोने के बिस्कुट के बारे में कुछ नहीं बता रहा। लूट की तफ्तीश करते-करते अमानत में खयानत का मामला सामने आया तब धारा 406 भादवि का जुर्म दर्ज किया । पुलिस ने 3 दिन की रिमांड पर लेकर जवाहर से यह जानने का प्रयास किया कि आखिर सोना किसका है? अभी जवाहर का कोई जवाब पुलिस को नहीं मिला है लेकिन कई तरह के सवाल जरूर उभर रहे हैं। यह बात भी कौंध रही है कि आखिर जवाहर के पास 1 किलो सोना का बिस्किट आया तो कहां से, रखवाया तो किसने और क्यों, यदि किसी की अमानत के तौर पर उसने सोना रखा था तो उसका नाम क्यों नहीं बता रहा? क्या यह सोना कंपनी के ही किसी प्रभावशाली व्यक्ति का है, क्या किसी ने स्मगलिंग का सोना जवाहर के पास रखवाया है या फिर किसी काली कमाई को सोने में तब्दील कर सही वक्त आने पर उपयोग के लिए रखा गया था? ऐसे और भी तमाम सवाल जीवित हैं।

0 यहां से और इस तरह मिला सोना, तब कैशियर बना गबन का आरोपी

एक पुलिस अधिकारी ने ‘खटपट न्यूज़’ को बताया कि लूट की वारदात के दूसरे दिन सुबह घटना की खबर के बाद लूटे गए रुपयों की जानकारी देने के लिए कंपनी स्टाफ ने कैशियर को बुलाया। कैशियर जवाहर प्रसाद मौके पर पहुंचा। जिस आलमारी से रुपए लूटे गए थे उसी आलमारी के एक हिस्से में मौजूद छोटे से लॉकर को लुटेरे निशाना नहीं बना पाए। इस लॉकर में रखे 10 लाख 60 हजार और 1 किलो सोना के बिस्किट को बड़ी चालाकी से अपने पास रखा और घर तक पहुंचाया। यह बात जब पुलिस की पकड़ में आई तो जवाहर को अमानत में खयानत का आरोपी बनाया गया। यदि लुटेरों की नजर इस लॉकर पर पड़ती और वे इसे भी अपने साथ ले जाते तो लूट की रकम में सोना भी शामिल होता। जवाहर की मंशा थी कि वह जांच आगे बढ़ने पर लूट में सोना भी शामिल करा लेगा या इसे गोपनीय रखकर सोना को भी हड़प कर जाएगा। हालांकि उसके इरादे वास्तविक तौर पर क्या हैं या क्या थे, इसका राज उसकी खामोशी में छिपा है। सूत्रों की माने तो वह किसी बड़े मामले/ स्कैंडल को 25 साल की नौकरी की वफादारी का प्रमाण देते हुए दबाने/छुपाने की कोशिश कर रहा है।

0 इनकम टैक्स विभाग को लिखेंगे पत्र
इस मामले में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कैशियर के पास से बरामद 50 लाख का सोना की आवक के संबंध में जल्द ही आयकर विभाग को पड़ताल हेतु पत्र लिखा जाएगा। इससे पहले पुलिस अपने तरीके से राज उगलवाने की कोशिशों में लगी है। आयकर विभाग के द्वारा कैशियर जवाहर प्रसाद की आय और उसके द्वारा उक्त सोना की प्राप्ति का सूत्र आदि खंगाला जाएगा। इस बात का रहस्य इस मामले से जुड़े हर लोग जानना चाहते हैं।

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