
कोरबा(खटपट न्यूज़)। भारत शासन द्वारा शुरू की गई मोर जमीन मोर मकान के तहत प्रधानमंत्री अवास शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक बनाये जा रहे हैं। बन चुके कई मकानों को हितग्राही खरीदी-बिक्री करने में लगे हैं तो कुछ हितग्राही दुकान संचालन के लिए किराये पर दिये है। जबकि आवास को खरीदी-बिक्री करना तथा किराये पर देना अपराध है। ऐसा एक मामला कटघोरा विकासखंड अंतर्गत नगर पंचायत छुरीकला में सामने आया है जहां हितग्राही प्रधानमंत्री आवास को बिक्री कर अन्यत्र रहने लगा है जिस पर पंचायत प्रशासन व आवास अधिकारी द्वारा अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है ।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि नगर पंचायत छुरीकला के वार्ड क्रमांक 2 में एक हितग्राही के नाम प्रधानमंत्री आवास बनाया गया था। हितग्राही ने आवास को अन्य व्यक्ति के पास लाखों रूपये में बिक्री कर दिया है। इस बात की भनक कुछ लोगों को लगने पर इसकी जानकारी आवास अधिकारी को दी गई परंतु आवास अधिकारी ने किसी प्रकार का प्रमाण नहीं होने का हवाला दे कर मामले को टाल दिया। दूसरा मामला वार्ड 7 में एक लखपति व्यक्ति के नाम प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर आवास बना दिया गया जिसे उक्त हितग्राही ने दुकान संचालन के लिए किराए पर दे दिया है। सूत्र बताते हैं कि उक्त हितग्राही के पास लाखों की संपत्ति होने के बावजूद आवास अधिकारी ने स्वीकृति दे दी जो समझ से परे है। इसके अलावा नगर में अधिकतर प्रधानमंत्री आवास गलत और जोगी पट्टे पर बनाए गये हंै जबकि जोगी पट्टा को निरस्त किया जा चुका है। आवासों की जांच की जाती है तो कई मामले सामने आयेंगे।
0 जांच कर दोषियों को दंडित करें
इस सबंध में पार्षद हीरालाल यादव का कहना है कि अगर आवास की खरीदी-बिक्री की गई है तो यह गलत है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाये जाने पर पंचायत अधिनियम के तहत कार्यवाही हो। पार्षद शेषबन गोस्वामी ने इस कहा कि शासन द्वारा बनाए गये आवास का हितग्राहियों द्वारा गलत उपयोग किया जाने लगा है। आवास गरीब लोगों के रहने के लिए बनाए जा रहे हैं, बिक्री के लिए नहीं। पंचायत प्रशासन को इस पर तत्काल जांच करनी चाहिए।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)















