Friday, March 27, 2026
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बूढ़ी माँ सोती रही, बेटे को पहले पुलिस फिर मौत दूर ले गई..अब आंसू और अंतहीन दर्द शेष

कोरबा(खटपट न्यूज़)। बीमार स्थायी वारंटी को हिरासत में लेने के बाद एकाएक तबियत बिगड़ जाने पर ईलाज के दौरान हुई मौत का मामला पोस्टमार्टम की शार्ट रिपोर्ट में बीमारियाँ बड़ी वजह बताने से भले ही शांत पड़ता जा रहा हो पर उसकी मां की आंखों में आंसू लिए दर्द का अंत जीवन भर शायद ही हो पायेगा।

मानकुंवर

इस एक घटनाक्रम ने पुलिस के उस टीम की कार्यशैली को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है जिसे न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंटों की तामीली के विशेष अभियान में लगाया गया है। बेशक, कार्यवाही और अपराधी को उसके गुनाह की सजा मिलना जरूरी है लेकिन इसके लिए अपनाए जाने वाले तौर तरीकों में पारदर्शिता भी उतना ही जरूरी है। करतला थाना के वारंटी हंसाराम राठिया के साथ अप्रत्याशित तौर पर जो भी हुआ, उसने कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सवाल छोड़ दिए हैं। उसकी बूढ़ी मां मानकुंवर घर पर सोती रह गई और उसे पता ही नहीं चला कि रात में पुलिस न जाने कब उसके बेटे को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई, थाना में कब उसकी तबीयत बिगड़ी, कब उसे अस्पताल ले जाया गया और कब उसने हमेशा के लिए आंखें बंद कर ली (यह कैसा मानवाधिकार )? कानून की नजर में अपराधी सही लेकिन माँ के कलेजे का टुकड़ा उसकी जिंदगी से हमेशा-हमेशा के लिए दूर चला गया। जब तक मानकुंवर को पता चला, काफी देर हो चुकी थी। आंखों में आंसू व दिल में असहनीय पीड़ा समेटे हाथ मलते रह गई मानकुंवर के लिए कुछ शेष नहीं बचा था।
0 10 दिन से बीमार था
मृतक हंसाराम की मां मानकुंवर को शनिवार 31 जुलाई को सुबह जिला अस्पताल लाया गया तब उसे बेटे की मौत का पता चला। उसने मीडिया को बताया कि रात में पुलिस कब बेटे को गिरफ्तार करके ले गई, पता नहीं चला। सुबह सोकर उठे तो हंसाराम घर में नहीं दिखा। आसपास के लोगों से पता चला कि रात में पुलिस पकड़कर ले गई है।असहाय मानकुंवर को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। उसे शनिवार सुबह कोरबा लाया गया और रास्ते में व जिला अस्पताल आने पर मालूम हुआ कि बेटे की मौत हो चुकी है। मानकुंवर के बताए अनुसार हंसाराम 10 दिन से बीमार था और गुरमा में उसका ईलाज चल रहा था। घर पर हंसा और मानकुंवर ही एक-दूसरे का सहारा थे। हंसा के पिता नहीं हैं व भाई दूसरे शहर में कमाने गया है। पत्नी अलग रह रही है।
0 गांव में किया अंतिम संस्कार
घटनाक्रम के दूसरे दिन शनिवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ। सीजेएम
श्री पठारे की उपस्थिति में पंचनामा उपरांत 3 चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। श्री पठारे ने मृतक के उपस्थित परिजनों का बयान कलमबद्ध किया। पोस्टमार्टम उपरांत अंतिम संस्कार निवास ग्राम एलोंग थाना श्यांग में विधि-विधान से किया गया।

0 अस्पताल से गांव तक तैनात रही पुलिस
हंसा के शव का पोस्टमार्टम के दौरान जिला अस्पताल के मुख्य द्वार से लेकर पोस्टमार्टम कक्ष और परिसर के आसपास पुलिस के अधिकारी और जवान पूरे समय ऐहतियात के तौर पर तैनात रहे ताकि किसी तरह की कानून व्यवस्था की नौबत न आए। इसी तरह गांव एलोंग में भी पुलिस की टीम तैनात रही ताकि किसी भी हालात को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार शांति पूर्वक संपन्न हुआ।
0 3600 वारंट पेंडिंग, काम कर रही विशेष टीम
एएसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि जिले में न्यायालयों से जारी लगभग 3600 वारंटों की तामीली होना है। वारंटों की तामिली कर संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधीक्षक के द्वारा विशेष टीम का गठन किया गया है। यह टीम अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए काम कर रही है। इसी एक टीम के द्वारा हंसाराम राठिया की गिरफ्तारी की गई थी।
0 लॉकअप में दो बार बिगड़ी तबियत…?
सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि 29 जुलाई की रात हिरासत में लिए गए हंसाराम की तबियत 30 जुलाई को 2 बार बिगड़ी। सुबह के वक्त तबियत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया जहां सामान्य परीक्षण कर चिकित्सक ने दवाई दी। पुलिस उसे वापस थाना ले आई। इसके बाद दोपहर 3 से 4 बजे के मध्य पुन: तबियत बिगड़ने पर आनन- फानन में अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। यहां थाना प्रभारी व ड्यूटी स्टाफ की प्रारम्भिक लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
0 यह है पूरा मामला

करतला थाना में अपराध क्रमांक 65/2015 पर धारा 295, 323, 506 भादवि के तहत प्रकरण हंसाराम राठिया पिता सुख सिंह राठिया 30 वर्ष निवासी ग्राम एलोंग वर्तमान थाना श्यांग (तत्कालीन थाना करतला) के विरूद्ध दर्ज है। यह प्रकरण न्यायालय के दांडिक प्रकरण क्रमांक 825/15 पर पंजीबद्ध एवं विचाराधीन है। हंसाराम न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था। उसके विरूद्ध न्यायालय द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया जिसकी तामीली कर पुलिस की एक टीम ने 29 जुलाई की रात करीब 10 बजे हिरासत में लेकर 11 बजे करतला थाना के सुपुर्द किया। उसे लॉकअप में रखा गया था।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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