बालको प्रबंधन ने केन्द्रीय मंत्री को कोयला संकट से कराया अवगत
0 स्मेल्टर के निर्बाध प्रचालन और विद्युत संयंत्र के लिए बताई अनिवार्यता
कोरबा-बालकोनगर (खटपट न्यूज)। केंद्रीय कोयला एवं संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के कोरबा प्रवास के दौरान बालको के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की। श्री जोशी को कोयला संकट के कारण बालको के प्रचालन में आ रही बाधाओं से अवगत कराया। कोयले की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने बालको अधिकारियों ने श्री जोशी को ज्ञापन सौंपा।

बालको अधिकारियों ने श्री जोशी को बताया कि देश को एल्यूमिनियम उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में बालको का योगदान महत्वपूर्ण है। इसकी वर्तमान क्षमता 5.70 लाख टन है जिसे दोगुना बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। एल्यूमिनियम स्मेल्टर के निर्बाध प्रचालन और विद्युत उत्पादन के लिए कोयले की पर्याप्त आपूर्ति आवश्यक है। विद्युत आपूर्ति के अभाव में गर्म धातु के पॉट्स में जमने का जोखिम होता है। यदि ऐसा हुआ तो संयंत्र कम से कम छह महीने के लिए बंद हो जाएगा और करोड़ों रुपए का नुकसान होगा। बंद संयंत्र को वापस प्रचालन में लाने और शुद्ध एल्यूमिनियम के उत्पादन के लिए एक वर्ष से अधिक समय और बड़े निवेश की आवश्यकता होती है। बालको ने श्री जोशी से यह अनुरोध भी किया कि स्मेल्टर के सतत प्रचालन के लिए बालको को कोयले की आपूर्ति बहाल की जाए। एल्यूमिनियम उद्योग के लिए रैकों का आबंटन प्राथमिकता के आधार पर हो। 15 फरवरी 2016 के एमओसी परिपत्र के अनुसार पावर सेक्टर के लिए कोयले का रैक से डिस्पैच 75 फीसदी और नॉन पावर मुख्यत: एल्यूमिनियम सेक्टर के लिए 25 फीसदी के अनुपात में सुनिश्चित हो।
















