0 एटक कार्यालय में भारत की बेटी को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

कोरबा (खटपट न्यूज)। एटक छत्तीसगढ के प्रदेश महासचिव कामरेड हरिनाथ सिंह ने शोकसभा में कहा कि स्व. मनीषा उत्तर प्रदेश के हाथरस की में रहने वाली एक बेटी का बलात्कारियों ने रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जुबान काट दी ताकि वो बलात्कारियों के खिलाफ बोल ना सके। सवाल यह है कि रागदरबारी मीडिया ने अपनी रीढ़ की हड्डी क्यों तोड़ ली और जुबान क्यों सिल ली । इतना भी नहीं बोल पा रहे हैं कि हाथरस उत्तर प्रदेश में है।
दरअसल इसके पीछे एक खास तरह की मानसिकता काम करती है । भाजपा का विधायक कुलदीप सिंगर याद है। कैसे सत्ता ने बलात्कार और हत्या के इस आरोपी को बचाने का भरपूर प्रयास किया था। सत्ता, जाति, पितृसत्ता और अवसरवादिता के गठजोड़ से ही अपराधियों और बलात्कारियों का मनोबल बढ़ता है। हाथरस की दर्दनाक घटना में भी यही देखने को मिला है। नतीजा यह है कि बलात्कारी बेखौफ हैं। यह घटनाएं किसी भी देश या समाज के लिए जितनी दर्दनाक है उतनी ही शर्मनाक भी हंै।
हरिनाथ सिंह ने कहा कि हम लोग जब आजाद देश में महिलाओं की बेखौफ आजादी की मांग करते हैं तो समाज के ऊपर गुलामी थोपने वाली ताकतें उल्टा हमें ही देशद्रोही करार देते हैं। कान खोल कर सुन लो,जब तक समाज में शोषण, गुलामी और गैर बराबरी हैं, तब तक इसके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा? मनीषा की मृत्यु हास्पीटल में हो गई, पुलिस-प्रशासन उनके घर वालों को पार्थिव शरीर ना देकर पुलिस के द्वारा रात के अंधेरे में दाह संस्कार कर दिया गया। यद्यपि हिंदू रीति रिवाज के अनुसार रात्रि में दाह संस्कार नहीं किया जाता है,किंतु पुलिस के द्वारा परिवार के अनुपस्थिति में ही दाह संस्कार कर दिया गया। (एटक) कार्यालय में मोमबत्ती जलाकर हाथरस की बेटी श्रद्धांजलि देते हुए मांग की गई की सामूहिक बलात्कारियों को फांसी दी जाए तथा योगी सरकार पर कार्यवाही करते हुए उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। श्रद्धांजलि सभा में एटक छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव कामरेड हरिनाथ सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला सचिव एमएल रजक, एटक के महासचिव सुनील सिंह, पी के वर्मा, अमित मंडल, जी नरसिम्हा राव, मनीष सिंह,ताराचंद कश्यप, सुग्रीव यति, महेंद्र दास, शिव रतन सिंह,गौरीशंकर आदि उपस्थित थे।















