
प्रदेश में तबादलों का सीजन नजदीक आते हैं, फर्जी स्थानांतरण आदेश भी जारी होने लगे हैं। इस साल का पहला मामला स्कूल शिक्षा विभाग का सामने आया है। इसमें किसी ने विभाग के अवर सचिव जनक कुमार के नाम से 21 व्याख्याताओं, शिक्षकों व एक क्लर्क का तबादला कर दिया। अवर सचिव ने मंगलवार को नवा रायपुर के राखी थाने में इसकी लिखित में शिकायत की है।
अवर सचिव जनक कुमार ने पुलिस को बताया, किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम से 30 मार्च को एक स्थानांतरण आदेश जारी किया। इसमें व्याख्याता, शिक्षक एलबी और सहायक ग्रेड दो के नाम शामिल हैं। इस आदेश में उनके पदनाम के ऊपर किसी ने जारी हस्ताक्षर किए हैं। यह हस्ताक्षर न तो उनके द्वारा किए गए हैं और ना ही ऐसी कोई नस्ती विभाग में प्रचलन में है। यह आदेश पूरी तरह फर्जी है। कुमार के निवेदन पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। मालूम हो कि इस फर्जी आदेश में बस्तर के शिक्षा व महिला शिक्षक ज्यादा हैं। उन्हें बालोद, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग आदि स्थानों पर भेजा गया है। दिलचस्प यह कि फर्जी अधिकारी ने सुदूर सुकमा व कोंटा से लेकर सूरजपुर तक के शिक्षकों के तबादले कर दिए। इनमें मैदानी इलाकों के शिक्षकों के नाम भी शामिल हैं। बताते हैं कि शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला के संज्ञान में मामला लाने के बाद केस पुलिस को सौंपा गया।















