0 कटरा के जंगल से शव बरामद, 4 टीमों ने सुलझाई गुत्थी

जांजगीर-चाम्पा (खटपट न्यूज)। पारस पत्थर मिलने की उम्मीद पर बैगा को जंगल में बंधक बनाने के बाद उसके घर जाकर पत्नी को भी बंधक बनाकर चोरी को अंजाम दिया गया। पारस पत्थर नहीं मिलने पर बैगा को पीट-पीट कर हत्या कर दिए और शव को जंगल में ही गाड़ दिया। पुलिस की 4 अलग-अलग टीम ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल दाखिल करा दिया है।
इस मामले में प्रार्थिया रामवती यादव निवासी मुनून्द ने 9 जुलाई को थाना जांजगीर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जुलाई को उसका पति बैगा का काम करने के लिए किसी के बुलाने पर गया था और घर नहीं लौटा। रात करीबन 12 बजे अज्ञात लोगों के द्वारा घर का दरवाजा खटखटाने पर दरवाजा खोली तो कुछ लोग उसके हाथ एवं मुंह में कपड़ा बांधकर घर के अंदर घुसकर घर में रखे नकदी रकम 23000 रुपए, 2 नग सोना का फुल्ली, एक चांदी का पायल, दो जोड़ी चांदी की बिछिया को चोरी कर ले गये। घर के पूजा स्थान के पास सब्बल से खुदाई भी किये किंतु कुछ नहीं मिला।
रिपोर्ट पर गुम इंसान तथा अपराध क्रमांक 459/22 पर धारा 458,457,380 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मुखबिर की सूचना के आधार पर संदेही टेकचंद जायसवाल, राजेश हरवंश से पूछताछ की गई। संदेहियों के द्वारा पुलिस को गुमराह किया जाता रहा किंतु तकनीकी टीम के द्वारा प्राप्त साक्ष्य, विवेचना क्रम में आये तथ्यों तथा गोपनीय सूचना के आधार पर कड़ी पूछताछ में बताया गया कि बैगा बाबूलाल यादव के पास पारस पत्थर होने की जानकारी मिलने पर उससे पारस पत्थर प्राप्त करने के लिए अपने अन्य साथी रामनाथ श्रीवास, मनबोधन यादव, छवी प्रकाश, यासिन खान, खिलेश्वर पटेल, तेजराम पटेल, अंजू पटेल, सतीश केसकर एवं शांति कश्यप के साथ मिलकर योजना बनाकर बाबूलाल को उसके घर से ईलाज व झाड़ फंूक कराने के बहाने से बुलाकर अपने साथ खिसोरा-पन्तोरा के कटरा के जंगल ले गये। जंगल में बाबूलाल से पारसमणी पत्थर के बारे में पूछने पर उसके पास नहीं होना बताया तो जंगल में बंधक बना लिये। मनबोधन अपने साथी छवि प्रकाश, यासिन शेख, खिलेश्वर राम पटेल, तेजराम पटेल, अंजू पटेल, सतीश केसकर के साथ मिलकर पारसमणी पत्थर को खोजने के लिए उसी रात करीबन 12 बजे बाबूलाल के घर ग्राम मुनुंद गये। बाबूलाल की पत्नी श्रीमती रामवती यादव से घर का दरवाजा खुलवाकर पूरे घर में पारसमणी पत्थर की खोजबीन करने पर मिली नगदी व जेवरात अपने पास रख लिए। घर के भगवान वाला कमरा तथा अन्य स्थान को खोदकर पारसमणी पत्थर की तलाश कियेे। रात में ही कटरा जंगल में पहुंचकर बाबूलाल यादव द्वारा पारसमणी पत्थर नहीं देने पर गुस्से में आकर सभी आरोपियों द्वारा हाथ-मुक्का एवं लाठी-डण्डा से मारपीट कर हत्या कर शव को वहीं फेंक कर चले गये। दूसरे दिन जंगल में गड्ढा खेादकर शव को गाड़ दिया गया। संदेही आरोपी राजेश हरवंश की निशानदेही पर मृतक बाबूलाल का शव कटरा के जंगल से कार्यपालिक दण्डाधिकारी की उपस्थिति में विधिवत् उत्खनन कर बरामद किया गया। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सामान सहित हत्या में प्रयुक्त लाठी-डंडा तथा फावड़ा, कुदारी, सब्बल, वारदात में उपयोग 3 मोटर सायकल, बाबूलाल का थैला, मोबाइल एवं अन्य सामान जिसको आरोपियों ने लेवई के जंगल में जला दिया था, उनके अधजले अवशेष लेवई जंगल से बरामद किया गया। प्रकरण में 395, 302, 201, 120बी,342,34 भादवि की धारा जोड़ी गई है।
0 ये हैं आरोपी

आरोपियों में टेकचंद जायसवाल उम्र 49 वर्ष निवासी लोहराकोट थाना बाराद्वार, रामनाथ श्रीवास उम्र 52 वर्ष निवासी महमदपुर थाना अकलतरा, राजेश हरवंश उम्र 40 वर्ष निवासी बिरगहनी थाना बलौदा मनबोधन यादव निवासी बिरगहनी थाना बलौदा, छवी प्रकाश जायसवाल उम्र 21 वर्ष निवासी लोहराकोट थाना बाराद्वार, यासिन खान उम्र 21 वर्ष निवासी रिसदी जिला कोरबा, खिलेश्वर राम पटेल उम्र 42 निवासी सिर्री थाना पामगढ हाल हरदी बाजार जिला कोरबा, तेजराम पटेल उम्र 26 वर्ष निवासी बोइदा थाना पाली जिला कोरबा, अंजू कुमार पटेल उम्र 28 वर्ष निवासी कापूबहरा जिला कोरबा एवं शांति बाई यादव उम्र 22 वर्ष निवासी बिरगहनी थाना बलौदा शामिल हैं।
0 इनकी रही भूमिका
आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक उमेश साहू, बलौदा थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक पाण्डेय, पंतोरा उप थाना प्रभारी उप निरीक्षक कामिल हक, अवनीश श्रीवास, सुरेश धु्रव, एएसआई संतोष तिवारी, प्रधान आरक्षक राजकुमार चन्द्रा, मनोज तिग्गा, यशवंत राठौर, मुकेश यादव, मोहन साहू, जगदीश अजय, आरक्षक मनीष राजपूत, दिलीप, सिंह, प्रतीक सिंह, साईबर सेल टीम थाना बलौदा तथा थाना सारागांव स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।














