Monday, March 23, 2026
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पसान क्षेत्र में अवैध कार्य पर लगाम नहीं, उजागर करने वाले पर भयादोहन का एफआईआर


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कोरबा(खटपट न्यूज़)। पसान थाना क्षेत्र में रेत का अवैध खनन व परिवहन का कारोबार प्रतिबंध अवधि में भी धड़ल्ले से किए जाने पर सूचना के बाद भी पुलिस द्वारा रेत चोरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। थाना प्रभारी के द्वारा इस मामले में खुद ही नियम- कायदे बताए जाने लगे जबकि अवैध कामकाज के मामले में सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस महानिदेशक, रेंज के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा लगातार दिए जाते रहते हैं। एक तो पसान थाना प्रभारी ने रेत चोरों पर कार्रवाई नहीं की और जब इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए प्रसान थाना प्रभारी की कार्यशैली को उजागर किया गया तो रेत चोरी से जुड़े लोगों की झूठी शिकायत पर बिना किसी तरह की जांच पड़ताल किए क्षेत्रीय पत्रकार के विरुद्ध भयादोहन सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर लिया गया। बिना किसी तरह की जांच पड़ताल के तत्काल एफआईआर दर्ज किए जाने से पसान पुलिस की कार्यशैली और पुलिस अधिकारियों के द्वारा दिए जाने वाले दिशा निर्देशों की अवहेलना उजागर हुई है।
ज्ञात हो कि सद्भाव पत्रकार संघ छत्तीसगढ़ के सदस्य रितेश गुप्ता पिता सुरेश गुप्ता एवं उसके सहयोगी मिथलेश कुमार पिता मान सिंह जो कि पसान क्षेत्र में रहकर पत्रकारिता करते हैं। समय- समय पर इनके द्वारा जनहित में खबरों का प्रकाशन किया जाता है। इसी के तहत् रेत का अवैध खनन एवं परिवहन को लेकर इनके द्वारा खबरों का प्रकाशन किया जाता रहा। उक्त खबर में स्थानीय पुलिस की संदिग्ध भूमिका को लेकर भी उल्लेख किया गया था। खबर प्रकाशन के बाद से उक्त खबरों को लेकर पसान थाना प्रभारी (उपनिरीक्षक) प्रहलाद राठौर द्वारा विद्वैष की भावना से ग्रसित रहने लगे। अभी हाल ही में थाना प्रभारी द्वारा एक सरपंच पति से साठ-गाठ कर उक्त पत्रकारों के विरुद्ध भयादोहन किए जाने का अपराध दर्ज किया गया है जो कि पूरी तरह से निराधार आरोप है। यदि इस दिशा में निष्पक्ष, सही जांच की जावें तो पत्रकार साथी निर्दोष साबित होंगे।
इस तरह का शिकायत पत्र लेकर सद्भाव पत्रकार संघ के पदाधिकारियों द्वारा बिलासपुर एवं कोरबा जिले के अन्य क्षेत्रों से जिला मुख्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल से समय लेकर मुलाकात करने इंतजार किया गया। लगभग ढाई घंटे इंतजार के बाद भी पुलिस अधीक्षक संघ के पदाधिकारियों से मिलने नहीं पहुंचे तो सभी वापस रवाना हो गए। संघ के पदाधिकारियों ने कहा है कि वे इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक रतनलाल डांगी से करेंगे। साथ ही संघ ने मांग की है कि रितेश गुप्ता के मामले में थाना प्रभारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए संघ के सदस्य पत्रकार को झूठे मामले से मुक्त करें। न्याय नहीं मिलने पर 15 दिवस उपरांत न्याय के लिए सद्भाव पत्रकार संघ छत्तीसगढ़ आन्दोलन हेतु बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला पुलिस प्रशासन की होगी।


10 सितंबर को संघ के प्रदेश अध्यक्ष आर.डी. गुप्ता, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष देवदत्त तिवारी, प्रदेश सचिव उमाकांत मिश्रा, कार्यकारी संभागीय अध्यक्ष (बिलासपुर) मनीष शर्मा, संभागीय उपाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा, सरगुजा प्रभारी संभागाध्यक्ष डी.सी. बघेल, बिलासपुर प्रेस क्लब सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार रमेश राजपूत, लोकेश वाघमारे, अनिल श्रीवास के साथ संघ से जुड़े जिले के दर्जनों ग्रामीण एवं शहरी पत्रकारों ने निन्दा की है। ब्लाक इकाई पाली द्वारा बीते 11 सितंबर को पाली स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में प्रदेशाध्यक्ष आर.डी. गुप्ता व प्रदेश पदाधिकारियों की उपस्थिति में आवश्यक बैठक रख द्वेषपूर्ण कार्यवाही को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में संघ के पाली इकाई पत्रकारों के अलावा चैतमा, कटघोरा, बांकीमोंगरा, पोड़ी- उपरोड़ा, जटगा, पसान, बिलासपुर, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी के भी पत्रकार साथी उपस्थित रहे।

00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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