कोरबा/बिलासपुर(खटपट न्यूज़)। ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के आव्हान पर कोरबा जिले के कोयला खदानों सहित प्रभावित किसानों के ज्वलन्त मुद्दों पर 2 दिसम्बर से न्याय पदयात्रा प्रारम्भ की गई है। चार दिनों की पदयात्रा बिलासपुर पहुंच चुकी है। आज करीब 11 बजे सभी भू विस्थापित अशोक नगर सरकंडा के गोंडवाना भवन से रैली की शक्ल में एसईसीएल के सीएमडी के दफ्तर तक जाएंगे। यहां सीएमडी को मांगों का ज्ञापन सौंपने के बाद पदयात्रा करते हुए हाईकोर्ट के लिए रवाना होंगे। हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर एसईसीएल की विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ी समस्याओं का निराकरण कर भूविस्थापितों को न्याय दिलाने की गुहार लगाई जाएगी।

बता दें कि संगठन के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप के नेतृत्व में एसईसीएल के गेवरा मुख्यालय के सामने से यह पदयात्रा 2 दिसम्बर को प्रारंभ हुई। भूविस्थापितों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों के लिए आवाज बुलंद की और नारेबाजी करते हुए गेवरा से बिलासपुर के लिए प्रस्थान किए। न्याय यात्रा में सैकड़ों की संख्या में भू विस्थापित एवं क्षेत्रीय किसान शामिल हुए हैं जो एसईसीएल की कोरबा जिले में संचालित हो रहे सभी खदान परियोजनाओं से प्रभावित हैं। दशकों पूर्व कोयला खदान के लिए अपना खेत, जमीन, घर-बार देने के बाद ये भूविस्थापित नौकरी, मुआवजा, बसाहट और मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी जूझ रहे हैं। इनके हक की लड़ाई ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के द्वारा प्रभावित भूविस्थापितों के सहयोग से लड़ी जा रही है। समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा है कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक एसईसीएल प्रबंधन भूविथापितों को उनका अधिकार नहीं दे देता। नौकरी के लंबित मामलों का निराकरण करने के साथ-साथ नई नौकिरियों के मामले में अनेक-अनेक कारण बताकर लटकाए जा रहे हैं। भूविस्थापितों को स्वास्थ्य, बेहतर शिक्षा, सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। इस न्याय यात्रा में गैर सरकारी संगठन सार्थक के सचिव लक्ष्मी चौहान, समिति के पदाधिकारियों सहित भू-विस्थापित परिवार, सामाजिक व राजनीतिक संगठनों सहित आमजनों का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है।















