Monday, March 23, 2026
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नियम न कायदा : विकास के नाम पर हरे-भरे वृक्षों की चढ़ा रहे बलि, बेतरतीब मुरुम खोदने से हो रहे धराशायी

0 जड़ सहित 5 हरे-भरे पेड़ को जेसीबी से उखाड़ फेंका

कोरबा-करतला (खटपट न्यूज़)। जनपद पंचायत करतला अंतर्गत ग्राम पंचायत घिनारा का मोहल्ला कड़ीडुग्गू में ग्राम पंचायत की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। घिनारा का मोहल्ला बैगापारा से कारीडुग्गू पहुंच मार्ग में ग्रामीणों की मांग पर पंचायत ने मुरुमीकरण कार्य कराया जिसके लिए एक निजी स्थान के मुरुम को जेसीबी से खोद कर निकाला गया। इस कार्य में बिना राजस्व न्यायालय की अनुमति के और पटवारी को सूचित किए बिना ही पंचायत ने हरे- भरे 5 पेड़ को जड़ सहित उखाड़ दिया। हैरानी की बात है कि इस बात की सूचना न तो पटवारी को दी गयी और न ही राजस्व न्यायालय से इसकी अनुमति प्राप्त की गई है। सचिव गोपी सिंह एवं सरपंच श्रीमती देवकी राठिया ने बिना किसी वैध अनुमति के राजस्व भूमि के 5 पेड़ जिसमें महुवा, और चार के पेड़ शामिल हैं, को उखड़वा दिया जबकि नियमतः ये हरे-भरे पेड़ बिना अनुमति के काटे नहीं जा सकते। बावजूद इसके सचिव और सरपंच ने किसी की परवाह किये बिना ही नियमों की खुद धज्जियां उड़ा दी। इस संबंध में वन विभाग ने भूमि को अपना नहीं बताया इसीलिए स्थानीय पटवारी से पूछे जाने पर उनके माध्यम से पता चला कि उन्हें इस बारे में कुछ पता ही नहीं है जबकि इस घटना को 7 दिन से ज्यादा समय बीत गया है। पटवारी भी मामले में गोलमोल जवाब दे रहे हैं जबकि ऐसे समय में उन्हें अपने उच्च अधिकारियों को सूचना देना चाहिए परंतु ऐसा भी नहीं किया गया।

इस सम्बंध में पंचायत सचिव गोपी सिंह से भी जानकारी लेनी चाही गयी पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वैसे हम आपको बता दें कि न सिर्फ करतला बल्कि जिले के अनेक क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों खासकर सड़क निर्माण के लिए ठेकेदारों के द्वारा वन, राजस्व मद की जमीनों को बेरहमी से खोदकर अवैधानिक तरीके से मुरुम निकालकर क्षति के साथ-साथ राजस्व हानि भी पहुंचाई जा रही है। विभागीय अमला खुली आँखों से देखकर और संज्ञान में लाये जाने के बाद भी अनजान बना बैठा है तो खनिज संपदा की लूट-खसोट मचना स्वाभाविक है।

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