
कोरबा (खटपट न्यूज)। शारदीय नवरात्र के पहले दिन जिले के कोरबा स्थित हसदेव नदी के किनारे स्थापित मां सर्वमंगला मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। भक्तों की सुबह से भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने धूमधाम से माता की आराधना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा हुआ है।

मंदिर परिसर में नवरात्र को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। मंदिर परिसर में भव्य सजावट की गई है, साथ ही श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तमाम व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इसके साथ ही मंदिर में इस नवरात्र पर लगभग 11 हज़ार ज्योति कलश की स्थापना हुई है।
मनोकामना ज्योति कलश के दर्शन के लिए भी सुबह से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। भक्तों की इस श्रद्धा से सर्वमंगला मंदिर का वातावरण धार्मिक और उत्सवमय हो गया है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। सर्वमंगला मंदिर कोरबा में नवरात्रि के दौरान हर साल भक्तों का तांता लगता है, लेकिन इस बार की व्यवस्थाएं विशेष रूप से की गई हैं। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो देवी दुर्गा की पूजा और उपासना के रूप में मनाया जाता है यह पर्व अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक चलता है, जिसमें नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है।

मंदिर के पुजारी राजपुरोहित नन्हा नमन पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष शारदीय नवरात्रि पर्व में सर्वमंगला मंदिर में लगभग 11000 मनोकामना ज्योति कलश प्रचलित किए जा रहे है। माता रानी के भक्तों ने विदेश से भी मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करने रसीदे कटाई है, इनमें अमेरिका 04 ऑस्ट्रेलिया 01 और म्यांमार से 01 शामिल है. साथ ही कोरबा समेत अन्य जिलों से भी ज्योति कलश प्रचलित किये जा रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर में आने से पहले अपनी सुरक्षा और स्वच्छता का ध्यान रखें।
0 मंदिर का 125 वर्ष पुराना इतिहास
माना जाता है कि मंदिर का इतिहास 125 वर्ष पुराना है। मंदिर प्रांगण विष्णु मंदिर, काली मंदिर, हनुमान मंदिर, श्री राम मंदिर समेत अनेक मंदिरों की स्थापना की गई है, मंदिर प्रांगण में ही एक विशाल वट वृक्ष भी है और इसी वक्त वृक्ष के नीचे मां का मंदिर है, इसके अलावा प्रांगण में ही मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करने के लिए भवन का निर्माण भी कराया गया है।















