
कोरबा (खटपट न्यूज़ )। चैत्र शुक्ल अष्टमी को माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में महागौरी स्वरूपा की पूजा-अर्चना की गई और आज सुबह से देर शाम तक भक्तों की लम्बी कतारें लगी हुई थीं। आज माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय(नन्हा महराज) सपत्नीक यजमान के रूप में बैठे और हवन-पूजन किया।

विद्वान पंडितों एवं आचार्यों के सानिध्य में दिव्य मंत्रोच्चार के साथ सभी देवी-देवताओं का आह्वान करते हुए सभी की पूजा-अर्चना करते हुए सभी दैदिव्यमान चर-अचर और विश्व का संचालन करने वाली शक्ति की शांति के लिए हवन-पूजन कर विधि-विधान से नवरात्रि को विराम दिया गया।
घंटों तक दिव्य मंत्रों से गूंजायमान था परिसर
हवन-पूजन के समय सभी देवी-देवताओं के आह्वान के लिए आचार्य एवं विद्वान पंडितों के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चार और शंखनाद किया गया, जिससे चारों तरफ हवन-पूजन का सात्विक धुंआ फैलता रहा और वातावरण विशुद्धता का संदेश दे रहा था। वेद-पुराणों में उल्लेखित है कि हवन के धुंआ जब आकाश में फैलता है, तो देवी-देवताओं का यही भोग होता है और देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। हवन के धुंए से पर्यावरण शुद्ध होता है और मानव सहित सभी चर-अचर प्राणियों का कल्याण होता है।
विश्व कल्याण की कामना
किसी भी आध्यात्मिक कार्यक्रमों को संपन्न करने विधि-विधान से हवन की रीति है। हवन के बाद ही सभी देवी-देवताओं का पूजन सम्पूर्ण होता है और देवी-देवता प्रसन्न होकर भक्तों को शुभ आशीर्वाद देते हैं। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर में 9 दिन की नवरात्रि में राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने विश्व कल्याण की कामना के साथ हवन-पूजन सम्पन्न किया और सभी के लिए शुभता का संदेश देते हुए कहा कि हे माता रानी! विश्व का कल्याण करें और चर-अचर प्राणियों में सद्भाव का संचार हो। विश्व में शांति हो और सभी का जीवन सुलभ और सरल हो। सभी भक्तों का कल्याण हो और पाप नाशिनी माँ सर्वमंगला देवी सभी के जीवन को आलोकित करती रहें। समाज से तामसिक प्रवृत्ति का नाश हो और नारी शक्ति का सम्मान हो। सनातन धर्म की विजय हो और विश्व का कल्याण हो।

देवी स्वरूपा कन्याओं को कराया गया छप्पन भोग का भोजन
हवन-पूजन के बाद देवी स्वरूपा कन्याओं को छप्पन भोग का भोजन कराने के बाद राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने सपरिवार कन्याओं को उपहार भी दिया और देवी स्वरूपा कन्याओं का चरण पखारा एवं चरण वंदन भी किया। भारत की इस पुण्य धरा में कन्याओं को शक्ति (माँ दुर्गा) का स्वरूप माना जाता है और कन्या पूजन एवं कन्या भोज से वह पुण्य लाभ मिलता है, जितना आध्यात्मिक कार्यक्रम सम्पन्न कराने में। कन्याओं(माँ दुर्गा) का आशीर्वाद से सभी कार्य फलित होते हैं। 9 दिन की नवरात्रि इसी के साथ सम्पन्न हो गई।

कल जवारा विसर्जन के साथ सम्पन्न होगी चैत्र नवरात्रि
कल गोधूली बेला में जवारा कलश का विसर्जन किया जाएगा। कल माता का नौवां रूप माँ सिद्धिदात्रि की पूजा-अर्चना की जाएगी। गोधूली बेला संध्या 5.00 बजे राजपुरोहित नमन पाण्डेय सपत्नीक एवं सपरिवार जवारा कलश की पूजा-अर्चना करेंगे और उसके बाद महिलाएं जवारा कलश को लेकर पवित्र हसदेव घाट तक लेकर यात्रा के रूप में जाएंगे, जहां बैगाओं द्वारा पूजा-अर्चना करने के बाद जवारा कलशों को विसर्जित (शांत) करेंगे। इस दौरान ढोल-ताशों के साथ जवारा कलशों को नदी तक लेजाया जाएगा और इसी के साथ 9 दिन की नवरात्रि रूपी महायज्ञ और शक्ति की उपासना का महापर्व सम्पन्न होगा।चैत्र शुक्ल अष्टमी को माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में महागौरी स्वरूपा की पूजा-अर्चना की गई और आज सुबह से देर शाम तक भक्तों की लम्बी कतारें लगी हुई थीं।
















