0 आफिस में ताला बंदी का अधिकार अध्यक्ष तो क्या सीएम को भी नहीं
कोरबा (खटपट न्यूज)। भाजपा के वरिष्ठ नेता व रामपुर क्षेत्र के विधायक पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर एक बार फिर तीखे तेवर में नजर आए।

कोरबा जनपद कार्यालय में तालाबंदी और बैठक की शिकायत की जांच पर ननकीराम कंवर ने कहा है कि चाहे अध्यक्ष हो चाहे मुख्यमंत्री हो, कम से कम आफिस में ताला बंद नहीं कर सकते, इन्हें अधिकार नहीं है। बीच में हमारे यहां के एसडीएम और तहसीलदार मकान तोड़ने चले जाते थे जबकि मजिस्ट्रेट का काम मकान तोड़ने के लिए जाना नहीं है बल्कि आदेश कर जमादार को भेजते हैं। उसी तरह इन लोगों ने ताला बंद किया है जो आपराधिक कृत्य है। अध्यक्ष का मान सम्मान रखते हुए उनके ऊपर आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया लेकिन जिसमें फर्जी किए हैं उसमें अगर अधिकारी बचाने की कोशिश करेंगे तो वे भी फोर्ज में आएंगे। डिप्टी कलेक्टर द्वारा मंगलवार तक भुगतान का आश्वासन पर कहा कि आश्वासन तो सरकार भी देती है पर पूरा नहीं कर रही तो अधिकारी कहां से कर पाएंगे बेचारे। पुलिस अधीक्षक को लिखे गए पत्र पर कोई कार्यवाही नहीं होने पर कहा कि यदि पुलिस कार्यवाही नहीं करेगी तो वह भी अवैध कार्य के लिए जिम्मेदार होगी। वैसे एक-दो दिन में मुझे पता चल जाएगा कि क्या कार्यवाही हो रही है।
बता दें कि कोरबा जनपद पंचायत में 5 जून 2021 को सामान्य सभा का बहिष्कार के बाद भी 15वें वित्त एवं जनपद विकास निधि के लिए फर्जी प्रस्ताव अनुमोदन की शिकायत ननकीराम ने की है। शिकायत उपरांत जिला पंचायत सीईओ कुंदन कुमार ने राशि आबंटन पर रोक लगा दी है। इस पूरी कार्यवाही एवं शिकायत को गलत बताकर 16 सितंबर को जनपद अध्यक्ष श्रीमती हरेश कंवर ने जनपद के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया व भीतर प्रभारी सीईओ राधेश्याम मिर्झा सहित अधिकारी कैद हो गए। डिप्टी कलेक्टर हरिशंकर पैकरा की मध्यस्थता व मंगलवार 21 सितंबर तक विकास कार्यों की राशि जारी करने का आश्वासन पर ताला खोला गया। यह दिन नजदीक आने के साथ ही शिकवा-शिकायतों का सिलसिला चल पड़ा है।
00 सत्या पाल 00(7999281136)















