Wednesday, April 1, 2026
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धूल डस्ट एवं गिट्टी बोल्डर छिटकने से रहवासी और राहगीर परेशान

कोरबा (खटपट न्यूज)। पाली से पोड़ी होते हुए सिल्ली सड़क मार्ग के उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य बरसात से पूर्व हो पाएगा इसे लेकर संदेह है, इधर राहगीर और रहवासी सड़क की धूल डस्ट और वाहनों के चलने से छिटकने वाले गिट्टी बोल्डर से परेशान हैं। कोरबा जिले के पाली विकासखंड मुख्यालय से पोड़ी सिल्ली पहुंच मार्ग उन्नयन का कार्य प्रगति पर है। सिल्ली से पोड़ी और नानपुलाली से केराझरिया तक रोड का लगभग डामरीकरण हो गया है लेकिन पाली के व्यवहार न्यायालय से लेकर हाउसिंग बोर्ड, कॉलोनी एफसीआई गोदाम तक की सड़क पर खुदाई कर ठेकेदार द्वारा मिट्टी गिट्टी बोल्डर पाटकर लापरवाही पूर्वक छोड़ दिया गया है। जिसके कारण वाहनों की आवाजाही से धूल डस्ट एवं गिट्टी बोल्डर छिटक रहा है जो सड़क किनारे रहवासियों और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। एक ओर जहां धूल डस्ट से आसपास के घरों में रहने वालों का जीना मुहाल हो गया है वहीं गिट्टी बोल्डर के छिटकने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। धूल डस्ट से बचाव के लिए पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है।

सड़क समतलीकरण भी नहीं हुआ है, कई जगह खोद कर छोड़ दिया गया है नाली निर्माण आधा अधूरा है। इसे लेकर ग्रामीणजन काफी परेशान एवं आक्रोशित है। ठेकेदार द्वारा कार्य में लेटलतीफी की जा रही है वही गुणवत्ता को लेकर शुरू से ही सवाल उठ रहे हैं इसे लेकर जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति भी दर्ज कराई है और निम्न स्तर के कार्य पर कुछ जगहों को तोड़ कर फिर से बनाया भी गया है ।इस मार्ग पर सबसे महत्वपूर्ण पुल नानपुलाली टाटी नाला का निर्माण आधा अधूरा है। बरसात के पूर्व यदि कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो एक बार फिर इस मार्ग पर 4 महीने आवागमन ठप हो जाएगा। हालांकि अभी डेढ़ 2 माह का समय शेष है लेकिन कार्य की कछुआ चाल को देखकर पुल पूर्ण हो पाएगा इसे लेकर संदेह बना हुआ है।
कार्य पूर्ण होने की नियत अवधि पार
पाली- पोड़ी- सिल्ली से रतनपुर -पेंड्रा को जोड़ने वाली 21.5 किमी सड़क उन्नयन कार्य एडीबी प्रोजेक्ट (छत्तीसगढ़ राज्य सड़क क्षेत्र परियोजना) के तहत लोक निर्माण विभाग द्वारा 55.096 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। जिसका ठेका मेसर्स KLAVKJ (जेवी) कम्पनी मिला है। इसका कार्य आदेश 15 जून 2020 को दिया गया है और कार्य अवधि 20 माह है। यह नियत तिथि पार हो गई है।और कार्य अभी आधा अधूरा पड़ा हुआ है वही मुआवजा के कई प्रकरण भी लम्बित है।

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