0 वैराग्य और अनुराग प्रेम की पहली सीढ़ी : नागेन्द्र महाराज
0 स्व. नरेन्द्र जायसवाल की स्मृति में हो रही भागवत कथा

कोरबा(खटपट न्यूज़)। संसार के प्रति वैराग्य और भगवान के प्रति अनुराग प्रेम की पहली सीढ़ी है। धर्म के प्रति श्रद्धा और विश्वास रखने से ज्ञान प्रकट होता है। धर्म के बढ़ने से धन, धन के बढ़ने से मन और के बढ़ने से महिमा बढ़ जाती है। हमें धर्म की रक्षा करनी चाहिए।
उक्त उद्गार कार्ष्णि नागेन्द्र महाराज ने सिटी कोतवाली परिसर में आयोजित हो रहे श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिवस सोमवार को कथा में व्यक्त किए। भागवत आरती पश्चात कथा को आगे बढ़ाते हुए नागेन्द्र महाराज ने सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, कर्दम देवहूति प्रसंग का विभिन्न उदाहरणों के साथ वर्णन किया। संगीतमय कथा में भक्ति गीतों के रस से सराबोर कथाप्रेमी झूमते-नाचते भी रहे। नागेन्द्र महाराज ने कहा कि भाग्य से कई जन्मों के पुण्य उदय होते हैं। एकाग्र हुए बिना कथा श्रवण से प्रभु की कृपा नहीं मिलती। भागवत कथा गंगा की तरह ही व्यक्ति को पवित्र करती है। जो लोग प्रकृति से प्रेम करते हैं भगवान भी उससे प्रेम करते हैं। आज स्वार्थवश वृक्षों को काटा जा रहा है जिससे पर्यावरण की क्षति हो रही है और आक्सीजन का संकट भी बढ़ रहा है।

कोरोना संकटकाल में आक्सीजन की कमी ने यह आभास कराया कि प्रकृति की रक्षा अनिवार्य है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए और यह एक धर्म का काम है। नागेन्द्र महाराज ने कहा कि सत्य की वंदना करने से सभी देवी-देवताओं की वंदना हो जाती है और सत्य को प्रत्येक धर्म ने स्वीकार किया है। भागवत सत्कर्म का सूचक है। प्रत्येक बच्चे में कथा सुनने का संस्कार डालना चाहिए। युवाओं को कथा श्रवण करनी ही चाहिए। स्व. नरेन्द्र जायसवाल बिल्लू की पुण्य स्मृति में आयोजित हो रही भागवत कथा सुनने के लिए आयोजक परिजनों के अलावा बड़ी संख्या में कथाप्रेमी उमड़ रहे हैं। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक की जा रही है।
00 सत्या पाल 00(7999281136)















