Sunday, March 22, 2026
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देश-विदेश में सराहा गया, सुर-संध्या सुगम संगीत कार्यक्रम

कोरबा (खटपट न्यूज) । संयुक्त महाराष्ट्र सेवा मंडल,कोरबा के द्वारा, अपने समाज के प्रतिष्ठित गायको को मंच प्रदान करने हेतु, ऑनलाइन सुगम संगीत कार्यक्रम का आयोजन ,अपने सुर-संध्या के फेसबुक पेज पर 12 मई से सप्ताह मे दो बार किया जा रहा है, जिसका संगीतप्रेमी श्रोताओ से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है…सुर-संध्या के इसी कार्यक्रम की चौथी कडी में, 21 मई को श्री सुनिल पाठक एवं अपूर्वा ठाकुर के द्वारा तथा 24 मई को पांचवी कडी मे ज्ञानेश तिलवणकरजी के द्वारा अपने गायन की ऑनलाइन प्रस्तुति दी गई, जिसमे उन्होने हिन्दी फिल्मो के पुराने मधुर गीतों के साथ साथ मराठी गीतो की भी सुन्दर प्रस्तुति दी गई ।
सुर-संध्या की छटवी कडी में,27 मई को कोरबा जिले की प्रतिष्ठित गायिका श्रीमती स्वाति रेगे के द्वारा,जो विगत 40-45 वर्ष से संगीतविधा से जुडी हुई हैं,उन्होने अपने एक घंटे के कार्यक्रम मे, हिन्दी फिल्मो के पुराने सुमधुर गीत व गजल के साथ-साथ मराठी के भावगीतो की भी संगीत के केराओके ट्रेक पर शानदार प्रस्तुति दी गई ।


उनके द्वारा अपनी प्रस्तुति मे, लताजी,आशाजी व सुमन कल्याणपुरजी के द्वारा विभिन्न संगीतकारों ,यथा सलील चौधरी,वसंत देसाई,शंकर जयकिशन,मदन मोहन, रोशन, ओ.पी.नैय्यर के लिये गाये गानो को शामिल किया गया। जिसमे प्रमुख गीत है – रूक जा रात ठहर जा रे चंदा, रहे न रहे हम, जरा सी आहट होती है, ओ सजना बरखा बहार आई, ना तुम हमे जानो,तेरा मेरा प्यार अमर, रस्मे उल्फत को निभाएं तो निभाए कैसे,आंखो से जो उतरी है दिल मे इत्यादि, साथ ही लताजी व आशाजी के द्वारा संगीतकार ह्रदयनाथ मंगेशकर व श्रीधर फडके के संगीत निर्देशन मे गाये मराठी भावगीतो की प्रस्तुति भी श्रीमती स्वाति रेगे के द्वारा दी गई । अंत मे वीर सावरकरजी के द्वारा लिखे गये,लताजी के द्वारा गाये, ओजस्वी गीत “जयोस्तुते, जयोस्तुते, श्री महन्मंगले शिवास्पदे शुभदे” के द्वारा कार्यक्रम का समापन किया गया ।
श्रीमती स्वाति रेगे के द्वारा प्रस्तुत सुगम संगीत कार्यक्रम को, न केवल अपने देश के उनके परिचितो ने, बल्कि विदेशो मे, यूके, जर्मनी, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया व सिंगापुर मे रहने वाले उनके परिचितों के द्वारा भी सुर-संध्या के इस ऑनलाइन कार्यक्रम को भरपूर सराहा और बेहद पसंद किया गया।
सम्पूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन उनके पतिदेव, श्री एस.पी.रेगेजी ने रोचकता के साथ किया ।

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