
कोरबा(खटपट न्यूज़)। शासन-प्रशासन के द्वारा हमेशा से जल संरक्षण के लिए तरह-तरह के उपाय किए जा रहे हैं। जल संरक्षण के उपाय में सोख्ता गड्ढा, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाब गहरीकरण, नया तालाब खुदाई आदि शामिल हैं। भीषण गर्मी में भी जल स्तर बनाए रखकर क्षेत्र में जल संकट दूर करने लाखों-करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं।

दूसरी ओर सरकारी धन की दुर्गति का मामला कोरबा अनुविभाग और विकासखंड के ग्राम पंचायत बरीडीह में सामने आया है। यहां हर हाथ को काम व गांव में ही रोजगार देने की महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना(मनरेगा) से खुदाई किया गया तलाब को राखड़ से पटवा कर समतल कर दिया गया है। ग्राम बरीडीह के धनवार पारा में शासन ने सन् 2016-2017 में 12 लाख 82 हजार 700 रुपये की खर्च कर तलाब खुदाई का काम कराया था।
0 एसडीएम की अनुमति से राख पटवाया!
गांव से होकर बहने वाली नदी के निकट इस तालाब का लाभ अब ग्रामीणों को नहीं मिल पायेगा,इस तालाब को बिजली संयंत्र की राख से पटवा दिया गया है। राख के ऊपर मिट्टी फिलिंग कराई जा चुकी है। सरपंच द्वारा मनमानी पूर्वक यह काम कराने की बात कही जा रही है। इस बारे में सरपंच कृपाल सिंह का फोन नहीं उठने से बात नहीं हो पाई वहीं सचिव गजराज सिंह ने कहा कि एसडीएम की अनुमति राख पाटने के संबंध में है लेकिन सोमवार को दिखा पाऊंगा। अनुमति के विषय में एसडीएम हरिशंकर पैकरा से संपर्क करने पर फोन नहीं उठाया गया।
0 रोजगार सहायक का अजीबो-गरीब तर्क
मनरेगा का तालाब राख से पटवाने के मामले में रोजगार सहायक संतोष महंत ने बताया कि अलग-अलग समय में इस तालाब में तीन लोगों की मौत डूबने से हो जाने के कारण यहां अधिकारी आए थे और तालाब को पाटने कहा था। इसके बाद यहां राख डलवा दी गई है। रोजगार सहायक ने यह भी बताया कि तालाब बनने के बाद रेत चोर यहां से रेत की चोरी करके ट्रैक्टर में लाद कर ले जाया करते थे और रेत खोदने कारण तालाब में गड्ढे बन जाने से डूबकर मौत हुई थी। रोजगार सहायक का यह तर्क अजीबोगरीब लगता है। जब इस बारे में गांव के कुछ लोगों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मौत की घटना नदी में हुई थी। अब सवाल तो यह भी है कि जिले के कई तालाबों में डूबने से मौतें हो चुकी हैं तो क्या ऐसे सभी तालाबों को पटवा दिया जाए? देखना है कि सरकारी धन की दुर्गति के इस मामले में जिला प्रशासन किस हद तक संज्ञान लेकर क्या कार्रवाई करता है?
















