0 केंद्र से कई लोग हुए लाभान्वित, जीवन जीने की मिली नई राह


कोरबा (खटपट न्यूज)। एनटीपीसी कोरबा के विकलांग पुनर्वास केंद्र द्वारा तो कई लोग लाभान्वित हुए हंै, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इस सहायता को भुला नहीं पाते और इसके बदौलत उन्हें जीवन जीने की नई राह मिल जाती है। ऐसी एक महिला श्रीमति कृष्णा राठौर भी हैं। श्रीमति कृष्णा राठौर एक सामान्य महिला थी, भरा-पूरा परिवार था, निजी संस्थान में नौकरी कर रही थी। एक दिन ऑफिस जाते वक्त दुर्घटना का शिकार हुई और दाहिना पैर गंवाना पड़ा। शुरुवात में जीवन जीना बहुत कठिन लग रहा था। वह बैैशाखी के सहारे धीरे-धीरे चलने लगी। इस दौरान एनटीपीसी के विकलांग पुनर्वास केंद्र (एनएफएनडीआरसी) के बारे में पता चला तब यहां जाने और काउंसिलिंग के बाद अहसास हुआ कि इस एक घटना के कारण अवसादग्रस्त रहने से तो सब ठीक नहीं होगा। केंद्र से कृष्णा को कृत्रिम अंग प्रदान किया गया जिससे लगा कि उसे पुराना पैर वापस मिला। अब वह आसानी से सभी कम काज कर सकती है। एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से बताया गया कि इस केंद्र के माध्यम से दिव्यांगों को कृत्रिम अंग, बैसाखी, मोटराइज्ड ट्राय-साइकल, श्रवण यंत्र आदि प्रदान किया जाता है। हाल ही में स्वतन्त्रता दिवस के दिन अश्विनी कुमार त्रिपाठी, कार्यकारी नेदेशक के हाथों 6 लोगों को कृत्रिम अंग एवं 5 लोगों को मोटराइज्ड ट्राय-साइकल प्रदान किया गया। इस कलेंडर वर्ष में अब तक 27 लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है। वर्तमान में एनटीपीसी कोरबा द्वारा संचालित पुनर्वास केंद्र कोरबा के अलावा बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, मुंगेली, कवर्धा एवं बालोद जिला के दिव्यांग लोगों को अपनी मदद से पुनर्वास कर चुका है।















