दिल्ली में संघर्षरत किसानों के सहायतार्थ अनाज और धन का घर-घर जाकर किया संग्रह

0 8 दिसम्बर के बन्द को सफल करने की गई अपील
कोरबा(खटपट न्यूज़)। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि बिल और बिजली कानून में संशोधन को वापस लेने की मांग पर दिल्ली में देशभर से जुटे किसानों की मदद के लिए सोमवार को ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के कार्यकर्ताओं ने बांकीमोंगरा क्षेत्र के कई गांव में घर-घर पहुंचकर धन और अनाज संग्रह किया। संगठन की ओर से आमजनों और व्यापारी वर्ग से मंगलवार के देशव्यापी बंद को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील भी की गई।

ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के क्षेत्रीय संयोजक गजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि देश भर के किसान 26 नवम्बर से दिल्ली में सड़कों पर ही डटे हुए हैं और कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। किसानों को सरकार ने दिल्ली के बाहर ही रोक रखा है। संघर्षरत किसानों को देश भर से सहयोग भेजने की कड़ी में कोरबा से भी सहयोग राशि, अनाज आदि भेजा जाएगा। बांकी बस्ती 2 नंबर, 4 नंबर बस्ती, भुसड़ीपारा, भेजीनारा, मोंगरा बस्ती आदि स्थानों में धन संग्रह के दौरान सूरज साहू, रामकुमार केवट, जमुना यादव, अर्जुन वस्त्रकार, अशोक यादव, विनोद यादव, हरीश यादव, महेंद्र कुमार, सुरेश, गजेंद्र सिंह आदि ने सहयोग किया।

0 भारत बंद आंदोलन को सफल बनाने की अपील
भाकपा (माले) लिबरेशन, मजदूर संगठन ऐक्टू, महिला संगठन ऐपवा, आदिनिवासी गण परिषद एवं छत्तीसगढ़ किसान संगठन ने संयुक्त बयान में किसान संगठनों के आह्वान पर आयोजित 8 दिसम्बर के भारत बंद का सक्रिय समर्थन किया है। यह बंद तीनों काला कृषि कानूनों तथा बिजली (संशोधन) बिल को रद्द करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गांरटी देने की मांग पर किया जा रहा है। संयुक्त बयान में श्रमिक नेता बीएल नेताम ने छत्तीसगढ़ की आम जनता, श्रमिकों, महिलाओं, व्यापारियों, छात्रों, युवाओं से बंद में शामिल होकर सफल बनाने की अपील की है। इसी तरह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बाल्कोनगर ने किसानों के समर्थन में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन 8 दिसंबर को दोपहर 3 बजे से परसाभाटा आजाद चौक पर करने का निर्णय लिया है। बालको एटक एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ब्रांच द्वारा संयुक्त रुप से यह प्रदर्शन किया जाएगा।

0 इन्साफ ने किसान आंदोलन को दिया समर्थन बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस को बामसेफ एवं इन्साफ संगठन ने ऑनलाइन सभा आयोजित किया। उक्त सभा में उच्च अधिकारी, कर्मचारी, राजनेता, विचारकगण तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। परिनिर्वाण दिवस को संकल्प दिवस मानते हुए कृषि कानून के विरूद्ध किसान आंदोलन का समर्थन करने का निर्णय लिया गया। संसदीय प्रणाली लोकतंत्र की रक्षा में आंदोलन का मुद्दा एनआरसी, ईव्हीएम, मजदूर कानून, निजीकरण, आरक्षण एवं पदोन्नति की है। यह आंदोलन राष्ट्रीय मुद्दा रहेगा। बामसेफ व इन्साफ संगठन ने यह भी निर्णय लिया है कि अपने बिखरे हुए मित्रों से यह मुद्दा रख कर आग्रह करेंगे व आपसी विवाद त्याग कर संयुक्त रूप से आंदोलन में भागीदारी बने। बहुजन समाज के राज नेताओं से भी आग्रह किया जाएगा वे भी बहुजन समाज के हित में संविधान की रक्षा में शामिल हो। इन्साफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता आरएल जांगड़े ने उक्ताशय की जानकारी देते हुए बताया कि इस निर्णय के समर्थन में बहुजन समाज के सभी संगठन अपनी भागीदारी देंगे।

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