कोरबा(खटपट न्यूज़)। थ्रेशर मशीन में असावधानीवश दाहिने हाथ का पंजा कुचलकर लहुलुहान हो गया। इस पंजे को नई जिंदगी अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. शतदल नाथ व उनकी टीम ने दी है।

कोरबा जिले के ग्राम मदनपुर निवासी रमेश राठिया के साथ हुए इस घटना के बाद उसे लगा था कि अब यह पंजा ठीक नहीं होगा लेकिन सिद्धिविनायक हास्पिटल के डॉ. शतदल नाथ ने टीम के सहयोग से कुचले हाथ का सफल ऑपरेशन सुनिश्चित किया। डॉ. नाथ ने बताया कि रमेश राठिया का दाहिने हाथ का पंजा बुरी तरह कुचल गया था जिसे लेकर मरीज अस्पताल पहुंचे थे। एक्स-रे व अन्य जांच-परीक्षण उपरांत निष्कर्ष निकला कि हाथ की सभी हड्डियां जिसमें मेटाकार्बल व फैलिंग है, बुरी तरह टूट गया है। पंजे की मांसपेशियां व टेण्डंस कुचल गए हैं।

प्रथम दृष्टया लग रहा था कि इस पंजे को बचाया नहीं जा सकेगा किंतु एक अंतिम किंतु सफल प्रयास किया गया। ऑपरेशन की निश्चित कार्ययोजना बनाने के साथ इस ऑपरेशन को 3 भागों में विभक्त किया। टूटी हड्डियों को जोड़ने के लिए के-वायर का इस्तेमाल, कटी-फटी मांसपेशियों को आपस में जोड़कर मरीज की उंगलियों को फिर से चलने युक्त बनाने व घाव के ऊपर चमड़ी बिठाने की योजना को अमलीजामा पहनाया गया। लगभग साढ़े 3 घंटे के ऑपरेशन उपरांत सफलता मिली।

पंजे को इन्फेक्शन से बचाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन मरीज को दिया गया। डॉ. नाथ ने मरीज व उसके परिजन को बताया कि काफी ध्यान देने के अलावा ईलाज भी कुछ लंबा चलेगा। मरीज की आर्थिक स्थिति को देखते हुए डॉ. नाथ ने उसकी आर्थिक मदद करने की भी जरूरत महसूस की है ताकि वह और बेहतर ईलाज करा सके एवं भविष्य में उक्त पंजे का उपयोग कर पाए।















