कोरबा-पाली(खटपट न्यूज़)। ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत प्रतिवर्ष लाखों रुपये आबंटित किया जाता है लेकिन सरपंच-सचिव की लापरवाही के कारण इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाता है। ग्रामीण अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दफ्तरों का चक्कर काटने के लिए मजबूर रहते हैं।
जनपद पंचायत पाली के ग्राम पंचायत डोंगानाला की सरपंच श्रीमती पत्रिका खुरसेंगा एवं पूर्व सचिव रामकुमार टेकाम, अजय कुर्रे के विरुद्ध भी इसी तरह की शिकायत सामने आई है। डोंगानाला पंचायत के पंचों का आरोप है कि सरपंच व सचिव द्वारा पंचायत के 13 वार्डों के विकास कार्यों की ओर जनहित में रुचि नहीं लिया जा रहा है। पंचायत फंड का मूलभूत एवं 14वें वित्त, 15वें वित्त की शासकीय धनराशि का अनाधिकृत रूप से आहरण कर अपने व्यक्तिगत उपयोग करते हुए स्वयं का मकान बनवाया जा रहा है। पंचों द्वारा को जनपद सीईओ वीरेंद्र कुमार राठौर से की गई शिकायत में कहा गया है कि सरपंच-सचिव के द्वारा लंबे समय से मासिक बैठक का आयोजन नहीं रखा गया है। ग्राम पंचायतों के सदस्यों को वर्तमान समय में पंचायत फंड का आय-व्यय की राशि का कोई जानकारी नहीं दिया जा रहा है। मूलभूत एवं 14वें, 15वें वित्त की राशि का आज पर्यन्त पंचायत के हित में कोई भी कार्य नहीं लिया गया, वार्षिक कार्य योजनांतर्गत ग्राम सभा का अनुमोदन कर पंचायत प्रस्ताव जनपद पंचायत को करने पर निरंक व पंचायतों के सदस्यों द्वारा ग्राम विकास पर पंचायत हित में कार्य करने हेतु युक्ति-युक्त अवसर दिया जाना परंतु पालन की अवहेलना कर अनुपस्थित होने पर पंचायत के अनेकों कार्य निरंक होना प्रमुख हैं। पंचों श्रीमती रामकुमारी, जानबाई, रामशिला बाई, त्रिवेणी बाई, रामायणमति, चित्रलेखा, गुलाब सिंह, जयसिंह नेटी आदि की मांग है कि मूलभूत एवं 14वें व 15वें वित्त से कराए गए कार्यों का गुणवत्ता अवलोकन सहित भौतिक सत्यापन पंचों एवं ग्रामीणों के समक्ष कराकर अनियमितता पूर्ण कार्य करने वाले सरपंच-सचिव पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्यवाही किया जाए।
0 राजनीतिक संरक्षण ने बढ़ाया मनोबल : स्थानीय लोगों के मुताबिक सरपंच ख़ुसरेंगा को क्षेत्रीय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है जिसके कारण मनोबल और मनमानी बढ़ गई है। इस तरह से संरक्षण प्राप्त कर ग्रामीणों के हक और विकास कार्य में गड़बड़ी से सरकार और मुखिया की भी किरकिरी हो रही है किँतु यह बात संरक्षण देने वाले नेता की समझ में नहीं आ रही। बेशक, नेता के संरक्षण से गांव का विकास ठप्प पड़ गया है।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)















