
-पेनाल्टी शूट ऑउट में हुआ निर्णय
-आयोजकों ने सफल आयोजन किया
कोरबा (खटपट न्यूज)। कोरबा में चल रहे स्व. बिंदेश्वरी देवी स्मृति राष्ट्रीय फुटबॉल स्पर्धा पर झारखंड के जेएसएसटीएस की टीम ने फतह हासिल किया है। जोरदार फायनल मुकाबले में विजयी टीम ने हरियाणा को पेनाल्टी शूट आउट में 4-3 से हराया। निर्धारित अवधि तक कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं रही। जिसकी वजह से पेनाल्टी शूट का सहारा लेना पड़ा। फायनल मैच को देखने काफी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे, वहीं आयोजकों ने सफल आयोजन कर खिलाडिय़ों व पहुंचे अन्य अतिथियों का दिल जीत लिया।
पिछले एक सप्ताह से एसईसीएल कोरबा पूर्व और जमनीपाली के मैदान में राष्ट्रीय महिला फुटबॉल स्पर्धा का आयोजन हो रहा था। जिसका समापन गुरुवार को एसईसीएल के मैदान में हुआ। प्रतियोगिता के फायनल में जेएसएसटीएस व हरियाणा की टीम पहुंची थी। दोनों टीम के खिलाडिय़ों ने जोरदार खेल का परिचय दिया। लगातार एक दूसरे के गोल पर खिलाड़ी हमला करते रहे, लेकिन मजबूत रक्षा पंक्ति की वजह से दोनों टीम के खिलाड़ी गोल करने में सफल नहीं हो सके। निर्धारित 70 मिनट तक मुकाबाल हुआ, इसके बाद आयोजकों ने पेनाल्टी शूट आउट के माध्यम से नतीजा निकालने का निर्णय लिया, जिसके आधार पर जेएसएसटीएस की टीम ने 4 गोल दागा और इस तरह से हरियाणा की टीम को पराजय का सामना करना पड़ा।

फायनल मुकाबला को देखने के लिए काफी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति रही। इस दौरान लगातार दर्शक ताली की गडग़ड़ाहट से खिलाडिय़ों का हौसला अफजाई करते रहे। फायनल मुकाबला में अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल, उनके भाई हितेश बघेल सहित हमिददुल्ला खान, संजय चंद्राकर, शैलेन्द्र सिंह, कृष्णा सिंह सहित आयोजक मण्डल के शेख जावेद, सज्जी टी जॉन, गणेश्वर दुबे, अखिलेश चंदेल, अब्दुल सुल्तान, राजेश पाण्डेय, अशोक शर्मा, आशु श्रीवास, उज्जवल विश्वास सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
खिलाडिय़ों ने व्यवस्था को सराहा
काफी लंबे अर्से पश्चात जिले में राष्ट्रीय स्तर का आयोजन हुआ, जिसमें देश भर के 17 राज्यों की टीम के खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया। आयोजक मण्डल के अध्यक्ष अब्दुल रहमान ने बताया कि खिलाडिय़ों के ठहरने की व्यवस्था निगम के हास्टल में की गयी थी। जहां पर महिला खिलाडिय़ों की सुरक्षा का खासा ध्यान रखा गया था इसके अलावा उनके खानपान की विशेष व्यवस्था भी की गयी, जिसे खिलाडिय़ों ने जमकर सराहा। खासकर सुबह-शाम पोषक आहार दी गयी, ताकि खिलाडिय़ों की क्षमता बनी रही। कुल मिलाकर शहरवासियों की सहयोग से इस स्पर्धा को सफलता मिली।















