भोपाल। कोरोना के दौरान जो मजदूर भाई शेल्टर कैंप या रिलीफ कैंपों में फंसे हैं, उनके राज्य में आगमन पर स्वास्थ्य टीम द्वारा स्क्रीनिंग कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। मजदूरों की जिले के बार्डर पर ही स्क्रीनिंग कराना आवश्यक होगा। कांटैक्ट हिस्ट्री होने अथवा सर्दी, जुकाम, बुखार, सांस की बीमारी जैसे लक्षण, पाये जाने पर उन्हें तत्काल क्वारेंन्टीन किया जाएगा। ऐसे प्रकरणों में सैंपल लेकर टेस्टिंग के बाद आवश्यकता के अनुसार देखरेख या इलाज संबंधी कार्यवाही की जाएगी। आयुक्त स्वास्थ्य श्री फैज अहमद किदवई द्वारा भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा मजदूरों के राज्य के भीतर आवागमन के लिए जारी स्टेडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम के संदर्भ में यह निर्देश जारी किए गए हैं।
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