कोरबा (खटपट न्यूज)। जिला चिकित्सालय में डायलिसिस की सुविधा में संशोधन एवं मरीजों के हित में विस्तार करने की आवश्यकता है। जिला चिकित्सालय में बिना डीसी (जनरेटर) सुविधा के डायलिसिस किया जा रहा है जो कि सरासर गलत है। अनेक मरीजों का रफ डायलिसिस करने के चलते खून फ्लाट हो रहा है तथा डायलेजर भी फ्लाट हो रहा है। डायलिसिस जीवनदायिनी प्रक्रिया है, इसे चार घंटे की बजाय जिला चिकित्सालय में तीन घंटे में ही किया जा रहा है। यहां न तो आईसीयू की व्यवस्था है और न ही रात्रिकालीन और आपातकालीन डायलिसिस की व्यवस्था है। ऐसी परिस्थिति में अनेक मरीज डर गए हैं कि कब उनकी मौत हो जाएगी।

एक महिला मरीज की 12 अप्रैल की रात को डायलिसिस नहीं हो पाने के कारण जिला चिकित्सालय में मौत हो गई। इसकी शिकायत पर जांच लंबित है तथा उसी दिन बालाजी ट्रामा सेंटर को जिला कोविड अस्पताल बनाने के कारण डायलिसिस के मरीजों के लिए आईसीयू बंद हो गया। इसके कारण उस महिला मरीज को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। भर्ती करने के बाद डायलिसिस के पूर्व वायरल मार्क का ब्लड टेस्ट होता है जो समय रहते नहीं किया गया और 8 बजे के बाद जिला चिकित्सालय में डायलिसिस बंद कर दिया जाता है जो किसी भी कीमत में न्यायोचित नहीं है। कलकत्ता की कंपनी के डायरेक्टर जिसने जिला चिकित्सालय में डायलिसिस का ठेका लिया है, उसे सख्त निर्देश देते हुए डायलिसिस की सुविधा का विस्तार कर मरीजों का डायलिसिस करने तथा गलती करने पर उसकी सजा भी देना जरूरी है। यह प्रकाश में आया है डायलिसिस मरीजों को खून बढ़ाने का इंजेक्शन फ्री में दिया जाता है लेकिन इसका भी शुल्क लिया जा रहा है। न्यू कोरबा हास्पिटल एवं जिला चिकित्सालय में हेपेटाईटस सी के मरीजों हेतु एक एक मशीन और लगाकर सुविधा का विस्तार करने की आवश्यकता है। इस संबंध में जनता दल यूनाईटेड के जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण महतो ने कोरबा विधायक व प्रदेश के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को एक आग्रह पत्र सौंपा है।
















