Sunday, March 22, 2026
Home जांजगीर-चांपा जांजगीर : बिजली तार में लिपटी मिली आरक्षक की लाश, परिजनों ने...

जांजगीर : बिजली तार में लिपटी मिली आरक्षक की लाश, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

जांजगीर (खटपट न्यूज)। जांजगीर जिले में गुरुवार की रात करीब 12.45 बजे आरक्षक पुष्पराज सिंह की मौत हो गई। सड़क के किनारे पुष्पराज की स्कूटी गिरी मिली, उसके शरीर पर बिजली के तार लिपटे मिले, गले में भी तार उलझा हुआ था। पुलिस इसे एक हादसा बता रही है, मगर घर वाले इसे हत्या होने का दावा कर रहे हैं। जांजगीर पुलिस अब इस मामले में जांच कर रही है। पुष्पराज की लाश देशी शराब दुकान के पास की सड़क पर मिली।
अब तक की जांच में पुलिस ने पाया कि पुष्पराज की स्कूटी सड़क किनारे लगे तार में फंस गई। स्कूटी रफ्तार में होने की वजह से अनियंत्रित होकर घुम गई और तार पुष्पराज के गले में कसता चला गया। इसी वजह से पुष्पराज का दम घुट गया और उसकी मौत हो गई। हालांकि फॉरेंसिक एक्सपर्ट इस मामले की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। पोस्टमार्टम के लिए भी पुष्पराज का शव भेजा गया, जिससे मौत की वजह और साफ हो सकेगी।
पुष्पराज साहू ने एक दिन पहले अपने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था। इसमें उसने लिखा था कि उसे बर्खास्त करने या सस्पेंड करने की धमकी मिल रही है। पुष्पराज लगातार, पुलिस वालों से पुलिस लाइन में मजदूरों की तरह काम करवाने, खराब क्वालिटी के बुलेट प्रूफ जैकेट, नक्सल मामले पर पुलिस और सरकार की नीतियों पर खुलकर खिलाफत करते रहे हैं।


पुष्पराज के भाई ने हादसे की जगह का मुआयना किया। मीडिया से उसने कहा कि उसके भाई की हत्या की गई है। दरअसल आए दिन सोशल मीडिया पर पुष्पराज पुलिस विभाग के अफसरों यहां तक की गृहमंत्री के खिलाफ भी बातें लिखकर पोस्ट करता रहा है। उसने हाल ही में सक्ती थाने के प्रभारी के खिलाफ पोस्ट की थी, उसमें लिखा था कि 1 लाख रुपए महीना घूस लेकर इंस्पेक्टर जुए के अड्?डे चलवाता है। अब ये पोस्ट पुष्पराज के फेसबुक पर नहीं दिख रही। पुष्पराज के परिवार के लोगों ने इसी तरह के विवाद को उसकी हत्या की वजह बताया और अंदेशा जताया है कि किसी ने इसी वजह से नाराज होकर पुष्पराज की हत्या कर दी।
पुलिस सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसा पहला मामला है कि किसी आरक्षक को तीन बार बर्खास्त किया गया हो और तीनों बार इसे जॉइनिंग दे दी गई हो। अक्टूबर 2019 में पुष्पराज पर इल्जाम लगा था कि इसने पुलिस आंदोलन को हवा दी। इसके बाद एक बड़े गांजा तस्कर से 60 हजार रुपए लेकर उसे छोड़ने, 109 दिन तक ड्यूटी में अनुपस्थित रहने, एसपी से बहस करने के मामले में पुष्पराज को बर्खास्त किया जा चुका है। मगर हर बार विभागीय जांच और सरकारी नौकरी के नियमों के जरिए पुष्पराज के खाते में दोबारा बहाली आई। इस वक्त वो सक्ती थाने में पोस्टेड था।

पुष्पराज की चर्चित फेसबुक पोस्ट
Advertisement Carousel