जनसमस्या : ब्लैक स्मिथ कंपनी और पूर्व एचएम ननकीराम आमने-सामने, रात में ही कुर्सी लगाकर बैठ गए धरने पर, विवादित जमीन पर राख फेंकने पर लगाई रोक, तब जाकर उठे……

कोरबा(खटपट न्यूज़)। उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम भलपहरी में खेत में ब्लैक स्मिथ कंपनी द्वारा फिंकवाई जा रही राख का मुद्दा गरमा गया है। हाल ही में इस मामले में चक्काजाम करने वाले पूर्व गृहमंत्री व रामपुर विधायक ननकीराम कंवर शनिवार रात सड़क पर ही कुर्सी लगाकर बैठ गए। मामला बिगड़ता देख पुलिस-प्रशासन ने आनन-फानन में कार्यवाही कर ब्लैक स्मिथ कम्पनी के 4 गाड़ियों को जब्त करने/नोटिस देने की कार्यवाही कर राख नहीं फेंकने कहा।
पूर्व गृहमंत्री श्री कंवर ने बताया कि ठेका कंपनी ब्लैक स्मिथ के कर्मी अपने आपको सरकार के करिंदे बता रहे हैं। कंपनी का ठेका निरस्त करने व किसानों की भूमि पर राख फेंके जाने पर कार्रवाई करने की मांग की गई थी, पर दोनों मांग पूरी नहीं की गई बल्कि राख फिर से फेंकना शुरू कर दिया गया, इसलिए धरना पर बैठना पड़ा। प्रशासन ने आगे भी कार्रवाई नहीं की, तो भूख हड़ताल पर बैठूंगा।
खेत में राख फेंके जाने से नाराज ग्रामीणों और ब्लैक स्मिथ कंपनी के कर्मचारी आमने-सामने हो गए थे। ग्रामीणों को समर्थन देते हुए पूर्व गृहमंत्री व रामपुर विधायक ननकीराम कंवर राखड़ डंपिंग स्थल पर ही कुर्सी लगाकर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही की तब जाकर देर रात को धरना खत्म किए।

इस मामले में कोरबा सीएसपी राहुल देव शर्मा ने बताया कि उक्त राखड़ फेंके जा रहे जमीन को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति की है कि यहां राख न डालें। रात में पुलिस मौके पर पहुंची थी व राख फेंकने आये वाहनों के चालकों को नोटिस दिया गया है। फिलहाल विवादित जमीन पर राख नहीं फेंकने और अनुमति प्राप्त जमीन पर ही डम्पिंग करने कंपनी के उपस्थित कर्मियों को कहा गया है। तहसीलदार ने सीमांकन कर विवाद का निराकरण करने तक इस जमीन पर राख नहीं फेंकने कहा है। इस बारे में राजस्व विभाग के रुख की जानकारी लेने कोरबा एसडीएम सुनील कुमार नायक से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।

0 ग्रामीण, किसान, राहगीर सब हैं परेशान
गौरतलब है कि कोरबा-कनकी मार्ग पर स्थित ग्राम भलपहरी के किसान और रहवासी ब्लैक स्मिथ कार्पोरेशन नामक कंपनी के द्वारा खेतों के आसपास विशाल क्षेत्रफल में फेंकवाई जा रही राख के कारण परेशान हो रहे हैं। इस कंपनी के भारी भरकम वाहनों का आवागमन लगातार होते रहने से जहां हादसे का खतरा बना रहता है वहीं ग्राम भलपहरी के प्रवेश से लेकर लगभग 1 किलोमीटर तक कीचड़ और धूल का गुबार से राहगीर हलाकान हो रहे हैं। खेतों में राख फेंकवाने से यहां के ग्रामवासियों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। हाईवा और अन्य वाहनों के जरिए ग्राम भलपहरी तक लाई जा रही राख को यहां सड़क किनारे से लगकर मौजूद खेतों में फेंकने से खेतों में राख और राख मिश्रित पानी बहने से खेत प्रदूषित होने के साथ-साथ उपजाऊपन भी खो रहे हैं। खेतों में लगी फसल और फलदार पौधे नष्ट हो गए हैं। गिट्टी, बोल्डर बिछाने के बाद भरी जा रही राख निकट स्थित नदी-नाला में भी बहने से पानी प्रदूषित होने लगा है। धनुहारपारा मोहल्ला में पानी की कमी होने से यहां के लोग निस्तार के लिए इसी नदी-नाला का पानी ले जाते हैं, जो राख निस्तार के कारण प्रदूषित होकर हाथ-पैर में जलन की समस्या उत्पन्न कर रहा है। विगत दिनों ग्रामवासी पदुम पटेल ने बताया था कि सिंचाई विभाग की जमीन पर नींबू, केला, बीही, आम जैसे 40-50 फलदार पौधे लगाए गए थे, जो राख में दबकर नष्ट हो गए हैं। पानी निकासी का रास्ता नहीं होने से राख खेतों में बह रही है जबकि कंपनी के द्वारा पानी निकासी का रास्ता बनाने की बात कही गई थी। अन्य किसानों ने बताया कि राख के कारण खेत और फसल नष्ट होने से उनके आजीविका का साधन प्रभावित हो रहा है जबकि वे 40-50 वर्षों से यहां खेती करते आ रहे हैं। भलपहरी के अलावा ग्राम तरदा के भी कुछ स्थानों पर सड़क किनारे अवैध तरीके से राख फेंकी जा रही है। ग्रामीणों ने कहा है कि इस तरह की मनमानी से सिंचाई, राजस्व विभाग और किसानों की जमीन प्रभावित हो रही है जिस ओर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।

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