कोरबा-कटघोरा(खटपट न्यूज़)।कटघोरा वनमंडल परिसर में शुक्रवार को ठेकेदार द्वारा घटित आत्मदाह का प्रयास की घटना डीएफओ शमा फारूकी ने गम्भीरता से लिया है। इसके पीछे जिम्मेदार जटगा रेंजर सत्तुलाल जायसवाल की कार्यप्रणाली को लेकर डीएफओ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रभारी रेन्जर को कार्यो में लापरवाही बरतने पर जमकर फटकार लगाई है साथ ही शोकाज नोटिस भी जारी किया है। शमा फारूकी ने सभी वनपरिक्षेत्र अधिकारियों को कहा है कि विभागीय कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। लापरवाही की वजह से ठेकेदारो सहित अन्य कार्यो के भुगतान में विलंब हो रहा है और विभाग की बदनामी भी हो रही है।

जारी नोटिस में कहा गया है कि कटघोरा वनमंडल अंतर्गत जटगा वनपरिक्षेत्र में कार्यरत सत्तुलाल जायसवाल द्वारा अपने कर्तव्य एवं दायित्व की अवहेलना कर कैम्पा मद अंतर्गत ए. पी.ओ. वर्ष 2018 -19 में स्वीकृत स्टॉप डेम एवम तालाब निर्माण कार्य कराया और जो कार्य पूर्ण हो चुके है उनका प्रमाणक तैयार कर भेजे जाने एवम प्रमानको को सुधार हेतु वापस करने के फलस्वरूप सुधारकर प्रमानको को वनमंडल में प्रेषित करने हेतु रुचि नही लेने के कारण उक्त कार्य के प्रमानको के भुगतान में विलंब होने के फलस्वरूप रेंजर के विरुद्ध अनुशंसानात्मक कार्यवाही हेतु मुख्य वनसंरक्षक बिलासपुर वृत को पत्र प्रेषित किया गया है।
0 राज्य भर में चर्चित है जटगा रेंज और वन मंडल
कोरबा जिले का कटघोरा वन मंडल और इसके अंतर्गत आने वाला जटगा रेंज न सिर्फ कोरबा बल्कि राज्य भर में गड़बड़झालों और विधानसभा में गलत जानकारी देने के लिए एक अलग पहचान बना चुका है यहां एक सिंडिकेट की तरह संगठित होकर कुछ रेंजर, डिप्टी रेंजर ने विभाग को लंबा चौड़ा चूना लगाया है। इसकी आड़ में ठेकेदार, सप्लायर आज तक भुगत रहे हैं। सरकार के धन का जमकर दुरुपयोग और बंदरबांट हुई है। विभाग में काम करने वाले ऑपरेटर से लेकर बाबू भी इसका उदाहरण बनकर पिछले महीनों में सामने आए। वन मंडल में तो ऐसे भी मामले सुनने में आ रहे हैं कि कागजों पर काम करा लेने के बाद भुगतान में दूसरे जिले और क्षेत्रों के मजदूरों के नाम फर्जी भुगतान कराया जाकर उसे कुछ रुपए देने के बाद बाकी की रकम हड़प ली गई है। जटका रेंज में ही पुराना डबरी को नया रूप देकर लगभग 50 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा करने का मामला सुर्खियों में रहा है। पूर्व रेंजरों ने जो कारनामे किए, उस पर वर्तमान डिप्टी रेंजर जो प्रभारी रेन्जर बनकर काम कर रहे हैं, उनके द्वारा भी लीपापोती करते हुए अपनी अपनी रोटी जमकर सेंकी जा रही है। इन्हीं कारनामों के चलते एक सप्लायर को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी है।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)















