0 लोक कला और साहित्य संस्था सिरजन का स्थापना दिवस व सम्मान समारोह सम्पन्न
जउन मया तुमन के अन्तस् म मोर बर हे, वइसने मया तुम्हर मन बर मोरो अंतस म रहे : लाल जी साहू
कोरबा(खटपट न्यूज़) । लोक कला और साहित्य संस्था सिरजन जिला इकाई कोरबा का स्थापना दिवस समारोह, पं मुकुटधर पांडेय साहित्य भवन में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, वरिष्ठ ग़ज़लकार ज़नाब यूनुस दनियालपुरी थे। अध्यक्षता सिरजन संस्था के प्रदेश संरक्षक डॉ माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने किया। साहित्य भवन समिति के अध्यक्ष दिलीप अग्रवाल ,और सचिव मुकेश चुतुर्वेदी, तथा संस्कार भारती छत्तीसगढ़ की भू अलंकरण प्रमुख व राष्ट्रीय कवि संगम कोरबा की अध्यक्ष गायत्री शर्मा ‘प्रीत’ विशिष्ट अथिति व संस्था एक प्रयास भारत से कवियित्री और समाज सेविका अंजना सिंह ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदे की पूजा अर्चना व राजकीय गीत अरपा पैरी के धार के साथ हुई। सरस्वती वंदना कवियत्री गीता विश्वकर्मा’नेह’ व राजकीय गीत कवियित्री सुधा देवांगन ने प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के दौरान बाल्को से सेवानिवृत्त वरिष्ठ साहित्यकार लालजी साहू लाल छत्तीसगढिया को उपस्थित सभी साहित्यकारों व अतिथियों ने भारी मन से विदाई देते हुये, उनके सुखद जीवन की मंगल कामना की। लालजी साहू को छत्तीसगढी भाषा साहित्य की सतत सेवा के लिये ‘सिरजन सम्मान-2020’ से सम्मानित किया गया। पं मुकुटधर पांडेय साहित्य भवन समिति की ओर से यादगार प्रतीक चिन्ह अर्पित किया गया। सभी साहित्यकारों और अतिथियों की पावन उपस्थिति में शाल, श्रीफल,प्रतीक चिन्ह व सम्मान पत्र, लाल जी साहू ‘लाल छत्तीसगढिया’ को प्रदान किया गया। सम्मान कार्यक्रम के दौरान लालजी साहू की जीवन संगिनी सुशीला साहू भी उपस्थित थीं। लाल जी साहू 2014 से लगातार जिला इकाई कोरबा सिरजन संस्था के अध्यक्ष के रूप में भी सतत सेवा कर रहे हैं। उनके संयोजन में जिला कोरबा में हर वर्ष कई कार्यक्रम आयोजित होते रहते है। लाल जी साहू की अनुवादित पुस्तक भूकम्प का लोकार्पण भी इस कार्यक्रम के दौरान हुआ। विदाई समारोह के दौरान, कोरबा के चर्चित सुमधुर गीतकार कृष्ण कुमार चन्द्रा ने विदाई गीत गाकर, सबको भावुक कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने अपने उद्बोधन के दौरान साहू जी को शुभकामना देते हुये छत्तीसगढ़ी भाषा साहित्य के सभी पहलुओं पर विस्तृत विचार प्रगट किया। साथ ही अधिकाधिक संख्या में लिखे जा रहे पद्य विधा पर खुशी ज़ाहिर किया, तो वहीं गद्य विधा की कमी पर दुख। उनके द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी गीत और गजल ने सबको आनंदित कर दिया। मुख्य अतिथि महोदय ने भी अपने उद्बोधन में शुभकामना के साथ साथ उपस्थित साहित्यकारों को छत्तीसगढ़ी में भी ग़ज़ल विधा में काम करने का सुझाव दिया। अन्य अतिथियों ने भी लाल जी साहू के सुखद भविष्य की कामना की व उनके व्यक्तिव और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में छत्तीसगढ़ी भाषा मे काव्य पाठ का शुभारंभ बाकी मोंगरा के युवा कवि संतोष साहू जी ने अपने सुमधुर खनकती आवाज के साथ किया। सुप्रसिद्ध गीतकार कृष्ण कुमार चन्द्रा ने मनभावन गीत गाकर सबका दिल जीत लिया। युवा कवि व कुशल वक्ता डिकेश्वर साहू ने अपनी कविता के माध्यम से लाल जी साहू को भाव पुष्प अर्पित किया। व्यंग्यकार दीपक ठाकुर जी ने अपने चुटीले अंदाज़ में सबको ख़ूब गुदगुदाया। सिरजन संस्था के वरिष्ठ कवि अजय सागर गुप्ता जी ने कोरोनाकाल और किसान आंदोलन, बेमौसम बारिश जैसे समसामयिक विषय पर काव्य पाठ किया। सुमधुर कंठ की धनी कवियित्री सुधा देवांगन ने अपने मधुर मनभावन गीतों की बरसा कर समा बाँध दी, तो वही गीता विश्वकर्मा ‘नेह’ ने छत्तीसगढ़ के पारम्परिक गीतों की लय में अपने गीत का सुमधुर गायन किया।
साहित्य भवन कोरबा के अध्यक्ष और सचिव दिलीप अग्रवाल और मुकेश चतुर्वेदी ने अपने व्यंग्य के माध्यम से वर्तमान समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए, कारणों या कारको पर तीखा प्रहार किया। गायत्री शर्मा ‘प्रीत’ ने अपने मुक्तकों के माध्यम से शमा बाँध दिया तो वहीं अंजना सिंह ठाकुर ने अपनी कविताओं से। सिरजन जिला इकाई कोरबा के युवा कवि जीतेंन्द्र वर्मा’खैरझिटिया’ ने जाड़ व किसान आंदोलन को विषय बनाकर उत्कृष्ट गीत प्रस्तुत किया। यूनुस दनियालपुरी एवं
डॉ.माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ के गीत एवं ग़ज़लों ने सबको मोह लिया। लाल जी साहू ने छत्तीसगढ़ी भाषा पर उम्दा काव्य पाठ किया। दोनों सत्र का संचालन सिरजन संस्था कोरबा के जिला सचिव जीतेंन्द्र वर्मा खैरझिटिया ने किया।
लोककला अउ साहित्य संस्था सिरजन छत्तीसगढ़ी भाषा हेतु पूर्णतः समर्पित है। जो कि अपना हर कार्यक्रम छत्तीसगढ़ी भाषा में ही करता है। जिला इकाई कोरबा हर वर्ष छत्तीसगढ़ी भाषा कला व संस्कृति पर उम्दा कार्य करने वाले साहित्यकार या कलाकार को सिरजन सम्मान से सम्मानित करता है। अभी तक सिरजन सम्मान ‘छंद के छ’ के संस्थापक ‘गुरुदेव’ नाम से चर्चित, दुर्ग के वरिष्ठ साहित्यकार अरुण कुमार निगम, लोकनाथ ललकार, उमेश अग्रवाल ,सेवक प्रसाद और लाल जी साहू को प्रदान किया जा चुका है। प्रदेश स्तर पर इस संस्था के अध्यक्ष डाँ दीनदयाल साहू व सचिव आशा ध्रुव है। दोनों का कोरबा आगमन हर वर्ष स्थापना दिवस समारोह में होता है पर इस वर्ष कोरोना के चलते नही आ पाये। डॉ.माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा प्रदेश अध्यक्ष व कृष्ण कुमार चन्द्रा द्वारा प्रदेश सचिव का वक्तव्य व शुभकामना सन्देश पढ़ा गया। स्थापना दिवस व विदाई समारोह में नवल देवांगन, आशीष भारती, माखन वर्मा, धरम साहू, टुकेश्वर साहू, दुर्गेश दुबे,लोमस चौहान, दामोदर विश्कर्मा, राजेश साहू, धर्मेंद्र देवांगन, महेश यादव, शशि साहू, रणजीत वर्मा, विनय निम्बालकर, प्रभात शुक्ला, केशव गंजीर व अजय जाटवर बाल्को से उपस्थित थे। अंत में अतिथियों, साहित्यकारों व स्रोताओं का आभार कवयित्री सुधा देवांगन ने व्यक्त किया।















