Wednesday, March 25, 2026
Home कोरबा खबर खटपट-असर झटपट : आदिवासी बच्ची से दुष्कर्म कर गर्भपात कराने के...

खबर खटपट-असर झटपट : आदिवासी बच्ची से दुष्कर्म कर गर्भपात कराने के मामले में शुरू हुई जाँच, कोटा टीआई पहुंचे पीड़िता के गांव…..

बिलासपुर/कोरबा (खटपट न्यूज़)। एक मूक-बधिर आदिवासी 13 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म और इसके कारण गर्भ ठहर जाने पर गर्भपात कराने और मामले को दबाने के प्रकरण की जांच शुरू हो गयी है। खटपट न्यूज़ ने सोमवार सुबह ही इस दबे मामले को अपने सूत्रों के सहयोग से जानकारी प्राप्त कर उजागर किया। खबर प्रसारण के कुछ घंटे बाद ही कोटा पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है।
हालांकि पीड़िता की मां घटना शिकायत लेकर बेलगहना पुलिस चौकी गई थी जहां के प्रभारी ने महिला को कोटा थाना जाने की सलाह दी। कोटा थाना में पहले तो महिला को बैरंग लौटा दिया गया किंतु कुछ ही देर बाद पीड़िता की मां को दुबारा बुलाया गया।
इसके पश्चात टीआई अपने साथ महिला को लेकर पीड़ित के गृहग्राम करहीकछार पहुंचे। शुरू हुई जांच में टीआई कोटा प्रकाश कांत ने बताया कि अभी लड़की थोड़ी डरी -सहमी है, और कुछ-कुछ बताए अनुसार लड़के को पूछताछ के लिए रखा गया है। लड़की के नाना व चाचा गांव में नहीं मिले व सरपंच भी नहीं मिला है। लड़की की बातों से गर्भपात होना लग रहा है किंतु कुछ ठीक से अभी बता नहीं पा रही है। कटघोरा में कहां गर्भपात कराया गया, इसके बारे में लड़की को साथ ले जाने वालों के पकड़ में आने पर ही ज्ञात हो सकेगा। पुलिस जांच के सिलसिले में देर रात तक गांव में ही डटी रही। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
दरअसल बिलासपुर जिले के बेलगहना पुलिस चौकी के अधीन ग्राम पंचायत करहीकछार के आश्रित ग्राम सरगुजिहा पारा की आदिवासी समाज की एक मूक-बधिर नाबालिग लड़की के साथ गांव का ही युवक दुष्कर्म करता है जिसके फलस्वरूप वह गर्भवती हो जाती है। दुष्कर्मी के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट लिखवाने की बजाय समाज के ठेकेदारों द्वारा बैठक कर इस अपराध को छिपाने नाबालिग लड़की को कोरबा ला कर उसका गर्भ गिरा दिया जाता है।अब सवाल उठता है कि आखिरकार 13 वर्षीय मूक-बधिर लड़की के साथ दुष्कर्म व गर्भवती हो जाने की जानकारी के बाद भी लोग खामोश रहे।
दुर्भाग्यजनक पहलू यह भी रहा कि अपने नाना-चाचा के साथ रह रही पीड़िता को भरी पंचायत में गर्भपात का फरमान सुनाया गया। इस पंचायत सभा में करहीकछार के सरपंच भी शामिल थे। गर्भपात कराने पहले नाबालिग को जंगली जड़ी- बूटी खिलाया गया, लेकिन मंसूबा पूरा नहीं हो पाया जिसके बाद आनन- फानन में उसे पहले गनियारी ले जाया गया जहां नाबालिग का गर्भपात करने से साफ इंकार कर दिया गया। फिर उसे कोरबा जिले के कटघोरा स्थित किसी एक निजी क्लिनिक में करीब 10 दिन पहले ले जाकर गर्भपात करा दिया गया। अब देखना है कि खुल चुके इस मामले में जांच और कार्यवाही कब तक पूरी होगी?

Advertisement Carousel