Sunday, September 20, 2026
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खत्म हो चुके परमिट पर चल रही राजहंस बस जब्त…?

0 शिकायत पर परिवहन उड़नदस्ता की कार्यवाही
कोरबा(खटपट न्यूज़)। पटना से कोरबा के मध्य संचालित हो रही यात्री बस राजहंस को परिवहन विभाग के उड़नदस्ता दल ने कार्यवाही करते हुए जब्त किया है। शिकायत हुई है कि परमिट खत्म होने के बाद भी पिछले 15 दिनों से यह बस चलाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार पटना-कोरबा-पटना के मध्य राजहंस सर्विस की बस क्रमांक सीजी-15एबी-0706 संचालित हो रही है। स्थानीय स्तर पर एजेंट के माध्यम से संचालित इस बस का परमिट सितंबर 2019 में खत्म हो गया है। इसके बाद भी बस को यात्री भरकर पिछले 15 दिनों से चलाया जा रहा था। इस संबंध में बस एजेंटों धनेश्वर साहू, संतोष राव, राजेन्द्र कुमार, अमिन खान व रामप्यारे के द्वारा 24 दिसंबर को जिला परिवहन अधिकारी सहित परिवहन आयुक्त रायपुर, कोरबा एसपी, कोतवाली टीआई एवं उड़नदस्ता प्रभारी से लिखित शिकायत की गई।

कहा गया था कि बस संचालक व एजेंट द्वारा मूल कागजात सही न होने के बावजूद अन्य बसों के आगे लगाकर कोरबा से पटना टिकट बनाकर चलाया जा रहा है। कागजात पूछे जाने पर एजेंट ब्रिजेश त्रिपाठी द्वारा नहीं दिखाने और धमकी भी दी जाती है। बस क्रमांक सीजी-15एबी-0706 व सीजी-15डीपी-3444 प्रतिदिन दोपहर 1.25 बजे कोरबा से छूटती है। बिना मूल कागजात और खत्म हो चुके परमिट पर बस चलाने से अन्य एजेंटों के मध्य विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उक्त बस की जांच उड़नदस्ता दल ने की। जिला परिवहन अधिकारी विजेन्द्र पाटले ने बताया कि शिकायत पर उड़नदस्ता की टीम ने कार्यवाही करते हुए बस को जब्त कर दर्री थाना की अभिरक्षा में खड़ा कराया है। परमिट से संबंधित कागजात प्रस्तुत करने कहा गया है। यदि परमिट शर्तों का उल्लंघन पाया गया तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

0 शासन से छूट बताकर गुमराह किया
एजेंटों ने बताया कि कोरोना संकट के दौर में राज्य सरकार ने यात्री वाहन चालकों को छूट दी है कि फरवरी 2020 से जिनके परमिट खत्म हुए हैं, उन्हें 31 दिसंबर तक इससे छूट मिलेगी। छूट की यह समय सीमा अब 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई है। राजहंस बस सर्विस के एजेंट ब्रिजेश त्रिपाठी के द्वारा शिकायत की जांच के दौरान पुुलिस अधिकारियों के समक्ष राज्य शासन के इसी छूट संबंधी आदेश को दिखा कर गुमराह किया जा रहा था।शिकायतकर्ताओं के मुताबिक इस बस का परमिट सितंबर 2019 में ही खत्म हो चुका है और राज्य शासन ने छूट का लाभ फरवरी 2020 से खत्म होने वाली परमिट पर दिया है न कि उसके पहले।

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