कोरबा (खटपट न्यूज)। ग्रामीण अंचलों में हो रहे शादी-विवाह और भोज के आयोजनों में निर्धारित से ज्यादा संख्या में बढ़ने वाली भीड़ को रोकने के लिए प्रशासनिक और इसके अधीन अधिकारियों को निगरानी व कार्यवाही की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कर्तव्य का निर्वहन न कर इसकी आड़ में साहब के हवाले से खर्चा मांगने वाले एक पटवारी का मामला हमने पिछले दिनों प्रमुखता से सामने लाया।

खटपट न्यूज से सबसे पहले करतला ब्लाक के ग्राम नोनदरहा हल्का पटवारी जितेन्द्र सिंह का वह ऑडियो उजागर किया जिसमें उसके द्वारा गांव में एक परिवार के घर में आयोजित बेटी के विवाह कार्यक्रम में कार्यवाही न कराने के एवज में व्यवस्था देख लेने की बात कही है। सख्त नियमों का हवाला देकर पटवारी ने कोटवार के जरिए अपनी बात न पहुंचने पर विवाह आयोजक ग्रामीण से कहा कि साहब लोग आते हैं, आने से पहले खबर कर दूंगा, ज्यादा भीड़ मत लगाना, साथ ही कम से कम 25 हजार रुपए जुर्माना होने की बात कह साहब लोगों को खर्चा देने और अपने लिए भी व्यवस्था कर के रखने की बात कही। 2 मई को उक्त विवाह आयोजन संपन्न हुआ जिससे एक दिन पहले पटवारी ने खर्चा मांगने की यह पूरी रूपरेखा आयोजक परिवार के सदस्य मुखिया के समक्ष रखी।
यह मामला जानकारी में आते ही खटपट न्यूज ने 3 मई को प्रमुखता से प्रसारित किया। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल तक बात पहुंची तो रात में ही त्वरित संज्ञान लेकर जांच के निर्देश दे दिए। दूसरे दिन 4 मई को कलेक्टर द्वारा ग्राम नोनदरहा में संपन्न हुए शादी समारोह में पटवारी जितेन्द्र सिंह के द्वारा रुपए मांगने के संबंध में खबर पर संज्ञान लेकर जांच हेतु अपर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया को जांच अधिकारी नियुक्त कर 3 दिन के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने आदेश जारी किया।

आदेश के परिपालन में अपर कलेक्टर ने परिवार के मोहनलाल को समक्ष में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने हेतु 6 मई को प्रात: 11 बजे तलब किया। उक्ताशय की सूचना करतला तहसीलदार के जरिए प्राप्त होने पर मोहनलाल अपने परिचित के साथ गुरुवार को जिला मुख्यालय पहुंचा व अपर कलेक्टर के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। मोहनलाल ने बताया कि उससे 25 हजार रुपए की मांग की गई थी और देने के लिए तैयार भी हुए। हालांकि पटवारी दूसरे दिन पहुंचा नहीं। मोहनलाल ने पटवारी जितेन्द्र सिंह पर कार्यवाही की मांग की है ताकि वह फिर किसी दूसरे के साथ ऐसा न करें।















