क्रूरता:हड्डी-पसली टूटते तक इतना मारा की लीवर भी फट गया,घर पहुंचाकर नशा में एक्सीडेंट होना बताकर गुमराह किया

0 युवक के हत्यारे नाबालिग सहित 3 आरोपी गिरफ्तार किये गये
कोरबा(खटपट न्यूज)। बातचीत के दौरान अभद्र शब्दों का उपयोग किए जाने से नाराज होकर अपने ही साथी को एक नाबालिग सहित 3 लोगों ने मिलकर इतनी बुरी तरह पीटा कि उसकी मौत हो गई। हड्डी-पसली तोड़कर एवं लीवर के फटते तक पीटने के बाद बेहोशी की हालत में घर पहुंचाया और परिजनों को बताया कि शराब पीने के कारण बेहोश हो गया है। अस्पताल में मौत के बाद पुलिस को भी गुमराह कर दुर्घटना को वजह बताते रहे। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार घटना पाली थानांतर्गत चैतमा पुलिस सहायता केंद्र के ग्राम चटुआभौना का है। यहां के निवासी गोविंद राम, नील कुमार, राजेन्द्र मरावी और एक नाबालिग, चारों एक ही मोटर सायकल पर सवार होकर 2 दिसंबर की रात ग्राम चटुआभौना में आयोजित बीदर कार्यक्रम देखने गए थे। तड़के 4 बजे ये चारों चाय पीने के लिए मोटर सायकल से ही ग्राम कपोट मुख्य मार्ग गए थे। वापसी के दौरान नाबालिग लड़के को बातचीत में गोविंद राम ने गाली देते हुए अभद्र शब्द का उपयोग किया। इस बात से नाराज होकर नील कुमार, राजेन्द्र मरावी और नाबालिग लड़के ने मिलकर गोविंद राम से मारपीट किया। जमीन पर गिर पड़े गोविंद पर जमकर लात-घूसे और लाठी बरसाई गई। मारपीट में गोविंद के हाथ की हड्डी टूट गई, 3 पसलियां भी टूट गई और पेट में लगातार लात मारने से लीवर भी फट गया। अधमरा होने के बाद तीनों आरोपी गोविंद राम को मोटर सायकल पर ही बिठाकर उसके घर ले गए और पत्नी को बताया कि ज्यादा शराब पीने के कारण गिरकर चोट लग गया और बेहोश हो गया है। इसके बाद परिजनों ने गोविंद राम यादव पिता चरण यादव को पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां परीक्षण में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सीएचसी के वार्ड ब्वाय प्रहलाद सिंह कंवर ने पाली थाना में मर्ग कायम कराया। पुलिस कार्यवाही उपरांत पोस्टमार्टम किया गया। शार्ट पीएम रिपोर्ट के आधार पर धारा 302, 201 भादवि के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
0 पुलिस को गुमराह करते रहे आरोपी
चैतमा चौकी प्रभारी एएसआई सुरेश जोगी ने बताया कि विवेचना के दौरान मृतक के साथ अंतिम बाद देखे गए नील कुमार उर्फ पप्पू पिता जयसिंह 25 वर्ष व राजेंद्र कुमार मरावी पिता रामदुलार 22 वर्ष एवं विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इनके द्वारा गुमराह किया जाता रहा कि गोविंद के साथ सड़क दुर्घटना हुई थी जिसमें चोट आई। तस्दीक के दौरान घटना स्थल के आसपास व चाय दुकान में पूछताछ से विवाद का पता चला और आरोपियों का झूठ पकड़ा गया। पुलिस ने नाबालिग को बाल सुधार गृह एवं बालिग आरोपियों को जेल दाखिल कराया है।

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