कोरोना पर भारी आस्था : छत पर प्रतीकात्मक तालाब में खड़े हो कर सूर्यदेवता को दिया अर्घ्य, घाटों पर भी उमड़े श्रद्धालु…..

0 आज उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ हुआ छठ पर्व का समापन

कोरबा, (खटपट न्यूज़)। सूर्यदेव की उपासना व प्रकृति पूजा का प्रसिद्ध छठ पर्व ऊर्जाधानी में भी पूर्वांचलवासियों द्वारा परंपरागत मनाया गया। शनिवार को भोर में पुन: जल में उतरकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व संपन्न किया एवं व्रतियों के द्वारा व्रत की पारणा की गई।

इससे पहले 18 नवंबर को नहाय-खाय के साथ छठ पर्व का प्रारंभ हुआ। 19 नवंबर को खरना प्रसाद ग्रहण कर निर्जला उपवास प्रारंभ किया गया। पर्व के तीसरे दिन व्रतधारियों ने छठ घाटों पर पहुंचकर जल में उतरकर अस्तांचलगामी सूर्य देव को अर्घ्य दिया। व्रती विभिन्न प्रकार के मौसमी फल, ठेकुआ समेत अन्य पारंपरिक व्यंजनों से पूजा का थाल सजाकर मंगल कलश में भरे जल लेकर अर्घ्य देने घाटों पर पहुंचे जहां केले के पत्ते और गन्ना का मंडप सजा था। इस दौरान छठ गीतों से घाट गुंजायमान होते रहे।
छठ पर्व पर कोरोना संक्रमण काल का प्रभाव देखा गया। जिला प्रशासन ने पूर्व में छठ घाटों पर जाने की मनाही की थी जिसे बाद में शिथिल कर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सिर्फ व्रतधारियों को ही छठ घाट पर जाने की अनुमति प्रदान की गई। कोरोना संक्रमण से बचाव के मद्देनजर छठ घाटों पर अपेक्षाकृत भीड़-भाड़ कम नजर आई। अनेक ऐसे भी व्रती रहे जिन्होंने अपने पक्के मकान की छत पर प्रतीकात्मक तालाब का निर्माण किया और जल में उतरकर पूरे विधि-विधान से छठ मैय्या की आराधना करते हुए डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया।
रामपुर विधायक ननकीराम कंवर के प्रतिनिधि अनिल चौरसिया प्रारम्भ से छूट देने और नियम शिथिल करने की मांग करते आ रहे थे। पर्व के ठीक पहले संशोधन कर घाट जाने की अनुमति देने पर शासन व जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया है।

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