कोरबा(खटपट न्यूज़)। जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पाण्डेय के द्वारा कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी शिक्षा में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए शासन-प्रशासन के मार्गदर्शन में एवं उत्साही शिक्षकों के सहयोग से विद्यार्थियों को विद्यालय से जोड़कर रखने का कार्यक्रम निरंतर चलाया जा रहा है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने उनमें प्रतियोगिता का आयोजन कर पुरस्कृत भी किया जाता है।

अध्ययन सह जागरूकता कार्यक्रम के तहत अप्रैल माह से यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिले के 179 हाई स्कूल/हायर सेकेंडरी विद्यालयों को 18 क्लस्टर में बांटकर पहले विद्यालय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई जाती हैं। विद्यार्थियों को सांस्कृतिक, साहित्यिक ललित कला, विज्ञान आधारित एवं रचनात्मक क्रियाकलापों मे उत्कृष्ट बनाने विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। प्रत्येक शनिवार को प्रत्येक क्लस्टर से चयनित विद्यार्थियों की जिला स्तर पर विभिन्न क्रियाकलापों के आधार पर प्रतियोगिता आयोजित की जाती है एवं प्रथम तीन स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को ई सर्टिफिकेट एवं पुरस्कार स्वरूप पानी की बोतल दी जाती है।
0 एसएमसी/ एसएमडीसी ट्रेनिंग
जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पाण्डेय ने बताया कि एसएमसी/ एसएमडीसी ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य शाला विकास समिति एवं शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को उनके कर्तव्य का बोध कराना तथा शाला विकास में उनका सहयोग प्राप्त करना है। इस क्रम में 17/ 6/ 2021 से 29/6/ 2021 तक लगातार 23 दिन का वर्चुअल प्रशिक्षण उन्हें दिया गया। प्रतिदिन 78 मास्टर ट्रेनर्स ने लगातार 23 दिन तक प्रशिक्षण देकर लगभग 12000 सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का द्वितीय चरण 17 जुलाई 2021 से प्रारंभ हो रहा है जिसमें उप समितियों के सदस्यों को प्रशिक्षित किया जाएगा। डीईओ ने बताया कि उप समितियों जैसे खेल समिति, साहित्यिक समिति, सांस्कृतिक समिति, मूल्यांकन समिति, प्रवेश समिति आदि के द्वारा विद्यालय का सुचारू रूप से संचालन किया जाएगा। द्वितीय चरण में लगभग 50,000 उपसदस्यों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
0 प्राचार्य कक्ष, स्टाफ रूम, क्रीड़ा कक्ष, लाइब्रेरी एवं प्रयोगशाला कक्ष सजावट प्रतियोगिता
डीईओ सतीश पाण्डेय ने बताया कि जिले के 179 हाई स्कूल/ हायर सेकेंडरी विद्यालयों विद्यालयों को साफ सुथरा, व्यवस्थित रखने की दृष्टि से भी कार्य किया जा रहा है। यह अपने आप में अनूठा प्रयास व पहल है। पिछले माह जिले के सभी हाई स्कूल/ हायर सेकेंडरी विद्यालयों में प्राचार्य कक्ष, स्टाफ रूम एवम कार्यालय सजावट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके फलस्वरूप सभी विद्यालय में प्राचार्य कक्ष, कार्यालय एवं स्टाफ रूम सुव्यवस्थित हो गया। इस माह प्रयोगशाला कक्ष जज लाइब्रेरी कक्ष एवं क्रीड़ा कक्ष संधारण एवं सजावट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जिससे सभी विद्यालयों में यह महत्वपूर्ण कक्ष भी सुव्यवस्थित हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि ब्लॉक स्तर पर एवं जिला स्तर पर प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान प्राप्त विद्यालयों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
डीईओ ने कहा है कि शिक्षा में नवाचार का प्रयोग असरकारक रहा है और उत्साही शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी पूरी क्षमता का उपयोग कर कारोना काल के इस दौर में भी बच्चों को न सिर्फ शिक्षा से जोड़े रखा बल्कि यह साबित कर दिखाया है कि मेहनत व लगन से कोई भी काम असंभव नहीं।















