Wednesday, March 25, 2026
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कोरोना काल : भगवान कैद है ताला में, भीड़ लग रही मधुशाला में… शारदीय नवरात्र पर देवालयों के पट सूने और मदिरालय गुलजार….

कोरबा। विश्वव्यापी कोरोना संक्रमण महामारी का असर जनजीवन के साथ- साथ देवी- देवताओं पर भी पड़ा है। जहाँ माकूल दवा या वैक्सीन आमजन के हाथों में आने तक सामाजिक दूरी और मास्क जरूरी जैसे श्लोगन के साथ इस शारदीय नवरात्रि मंदिर- देवालयों और दुर्गा पंडालों यहां तक कि लंकेश के आकार पर भी नियम-कानून लागू किया गया है जिसका उद्देश्य मानव जीवन की रक्षा ही है। देवालयों में मनोकामना ज्योतिकलश भी सशर्त ही जल रहे हैं जहाँ श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति प्रशासन स्तर पर नहीं है। सबका कारण कोरोना का संक्रमण है और यह जरूरी भी है लेकिन एक तरफ मंदिरों के पट बंद हैं और यदि खुले भी हैं तो नियम-कानून के दायरे में। भीतर विराजमान देवी भी हंस रही होगी कि ये क्या हो रहा है, इंसान ने भगवान को कैद कर रखा है वह भी प्रेम में नहीं बल्कि ताले में ! पूजा पंडालों में भी प्रतिमा बैठाने व दर्शन के तमाम नियम हैं, कोई यहां आकर संक्रमित हुआ तो पूजा समिति जवाबदार होगी पर दूसरी ओर कोरोना के संक्रमण से बेखौफ होकर मदिरा प्रेमियों की भीड़ मदिरालयों में दिख रही है जो मदिरारानी के दर्शन के लिए दो गज की दूरी तो दूर मास्क भी हवा में उड़ाकर उमड़ पड़ते हैं। क्या मदिरालय के लिए नियम नहीं बने या यहाँ कोरोना का संक्रमण नही फैलता ? यदि नियम हैं तो उनका पालन क्यों सख्ती से नहीं कराया जा रहा ? ज्यादातर सुराप्रेमियों का कहना है कि हैंड सेनिटाइजर में 90 प्रतिशत अल्कोहल होता है जो कोरोना वायरस मार सकती है तो हम तो 95 प्रतिशत वाली अल्कोहल पी रहे हैं।जिसके अंदर जाने से कोरोना का बाप भी नजदीक नही फटकेगा।खैर जो भी हो लेकिन हिंदू धर्म के अनुसार सबसे पवित्र और शक्ति की उपासना का पर्व नवरात्र को माना जाता है जहाँ जगह- जगह शक्ति स्वरूपा जगतजननी माँ दुर्गा की 9 दिनों तक विशेष पूजा- अर्चना होती है। पहला दिन माता शैलपुत्री, दूसरा दिन माता ब्रम्हचारिणी, तीसरा दिन चन्द्रघण्टा, चौथा दिन कुष्माण्डा, पाँचवा दिन स्कन्ध माता,छठवाँ दिन कात्यायनी माता, सातवां दिन कालरात्रि माता, आठवां दिन महागौरी माता और नवमे दिन सिद्धदात्री माता के रूप के परम शक्तिशाली नवदेवी स्वरूपों की पूरे भक्ति भाव के साथ पूजा- आराधना होती है साथ ही मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित कराकर भक्तगण माता से अपनी मनोकामना पूर्ति की कामना करते है किंतु कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर इस शारदीय नवरात्र मंदिरों- देवालयों के पट पर ताला लटका हुआ है जबकि मदिरालय के पट गुलजार हो चले है।फिलहाल इस नवरात्र घर पर ही रहकर माँ शक्ति की नौ रूपों की आराधना उपासना करें, मंदिरों में भीड़ ना लगाएं। दर्शन करना जरूरी हो तो एक- एक कर दर्शन करके मन को शांति देवें। माँ तो सर्व शक्तिमान है, कण-कण, घट-घट में विराजमान है । इस कोविड- 19 महामारी से सभी की रक्षा करेगी।नवरात्रि पर्व के इस पावन अवसर पर सब मिलकर प्रार्थना करें कि भारत सहित पूरे विश्व का कल्याण हो, सभी महामारी के तांडव से मुक्त हों और देश में अमन- चैन तथा शांति बनी रहे।

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