Friday, March 27, 2026
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कोरबा: जिला आधा खुला-आधा बन्द, कैसे निपटेंगे आगामी खतरे से?

0 कलेक्टर के आदेश का सख्त पालन नहीं करा पा रहे अधीनस्थ
कोरबा (खटपट न्यूज़)। कोरोना के दो लहर से जूझने के बाद अब तीसरी लहर का डर सताने लगा है। ओमीक्रान का नया वेरियंट खतरनाक बताया जा रहा है। पूरे विश्व सहित छत्तीसगढ़ सरकार भी इसे लेकर चिंतित है। हालांकि अभी इसका खतरा संभावित बताया जा रहा है किंतु एहतियात के तौर पर केंद्र से लेकर राज्य सरकारें अभी से व्यवस्था और हिदायत के साथ सावधानी बरतने के निर्देश देना शुरू कर दिए हैं। कोविड गाइडलाइन से लेकर सुरक्षात्मक उपाय अपनाने के लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं लेकिन पालन होता नजर नहीं आ रहा। भीड़-भाड़ पर एक दिन का पूर्ण नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

इसी कड़ी में कोरबा जिला कलेक्टर के द्वारा एहतियात के तौर पर एवं व्यापारी संगठनों की मांग पर मंगलवार को जिले भर में साप्ताहिक लॉकडाउन का निर्देश जारी किया गया है। हालांकि संक्रमण के घटते क्रम में और त्योहारों के मद्देनजर धनतेरस व छठ पूजा के अवसर पर मंगलवार को 1 दिन की छूट प्रदान की गई थी, इसके बाद व्यवस्था पूर्व आदेश अनुसार ही होकर सभी तरह के स्थाई एवं अस्थाई दुकानों को बंद करने का आदेश यथावत है। अत्यावश्यक सेवा वाले संस्थान को छोड़कर सभी तरह के दुकानों को बंद रखा जाना है। सब्जी बाजार से लेकर फल दुकान भी 1 दिन के लिए बंद रखे जाने हैं। समय के साथ-साथ कोरबा जिले में कलेक्टर के आदेश की अनदेखी होने लगी है। जिन प्रशासनिक संस्थाओं पर आदेश का पालन कराने की अनिवार्य जिम्मेदारी है उनके द्वारा भी शिथिलता के साथ-साथ भाई-भतीजावाद और अपनापन रवैया अपनाया जाकर दुकानों को बंद नहीं कराया जा रहा है। आलम यह है कि आधा जिला खुल रहा है तो आधा जिला बंद है। कोरबा शहर से लेकर उपनगरीय क्षेत्रों में भी ऐसे ही हालात हैं। एक दुकान खोलने की देखा देखी दूसरे व्यवसाई भी अपनी-अपनी दुकानें, ठेला खोमचा खोल रहे हैं। इससे तीसरी संभावित लहर और ओमीक्रान वैरीयंट की रोकथाम के लिए किए जा रहे हैं तमाम सरकार और प्रशासनिक कोशिशों को झटका लगने की संभावना भी है। नगर निगम द्वारा जहां शिथिलता बरती जा रही है वहीं व्यापारियों का भी अपेक्षित सहयोग कमतर देखने को मिल रहा है। हालांकि अधिकांश व्यापारियों के द्वारा साप्ताहिक लॉकडाउन का पूर्ण रुप से पालन किया जा रहा है लेकिन कई व्यापारी अब भी दूसरे की देखा देखी दुकानों को खोलने लगे हैं। पहले तो शाम 4 बजे के बाद आधा शहर खुलता था और दुकानों में भीड़ भी उमड़ती रही लेकिन इस मंगलवार तो दुकानों को सुबह से ही खोला गया और बाजारों में भी लोग उमड़ रहे हैं। इन व्यवसाइयों का कहना है कि वो दुकान खोला है तो हमने क्या बिगाड़ा है। भेदभाव करने का भी आरोप लगता रहा है।
0 छोटे-बड़े दुकानों में हो समान सख्ती

आज मंगलवार को निगम के कर्मचारियों द्वारा छोटे-छोटे दुकानदारों, ठेला-गुमटी वालों को जबरन बंद कराया जा रहा था। आरोप है कि उनसे दुर्व्यवहार किया जा रहा है, उनके समानो को फेंका जा रहा है जबकि दूसरी तरफ़ बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल, बीयर बार, सिनेमा टाकीज , डिस्को बार चालू है। इन्हें कोई बंद कराने नहीं जा रहा। इनका ज़ोर बस गरीब और कमजोर तबके के लोगों पर चलता है। व्यापारियों सहित छोटे दुकानदारों की कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त से अपील है कि यदि मंगलवार को शहर व जिला बंद करना है तो छोटे-बड़े सभी दुकान बंद कराए जाएं, भेदभाव ना किया जाए अन्यथा इसका विरोध किया जाएगा।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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