कोरबा:…ले जूता मार ले,कुर्सी के लिए उलझे शिक्षक,देखें वीडियो


0 एक संकुल में दो समन्वयक,प्रभार लेने की लड़ाई
कोरबा(खटपट न्यूज़)। एक पद के दावेदार बने दो शिक्षकों में ठन गई है। इनकी ठनाठनी में स्कूल का माहौल बिगड़ने के साथ ही महकमे की भी किरकिरी हो रही है। बात जुबानी विवाद से बढ़कर जूता मारने तक पहुंच गई है तो यह हद है।

मामला कोरबा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधीन हायर सेकेंडरी स्कूल पीडब्ल्यूडी रामपुर का है। यहां संकुल समन्वयक (सीएसी) के पद को लेकर दो शिक्षकों में ठन गई है। दोनों शिक्षक अधिकारी के सामने भी उलझ चुके हैं लेकिन मामला सुलझा नहीं है। घटना के संबंध में एक वीडियो भी वायरल हुआ है।
दरअसल बात कुछ इस तरह है कि पीडब्ल्यूडी, रामपुर संकुल के सीएसी (संकुल समन्वयक) एसके द्विवेदी 30 जून को सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवानिवृत्ति उपरांत रिक्त पद पर मिडिल स्कूल के शिक्षक वीरु गुप्ता को यहां के प्राचार्य जो कि संकुल के नोडल अधिकारी भी हैं, ने संकुल समन्वयक का कार्य करने हेतु निर्देशित किया। इधर दूसरी ओर एसके द्विवेदी ने सहायक संचालक बिलासपुर से अपने कार्यकाल का एक्सटेंशन करा लिया और बतौर संकुल समन्वयक का कार्य करने के लिए प्रभार लेने पीडब्ल्यूडी संकुल पहुंच गए। यहां प्रभार लेने और हस्ताक्षर करने को लेकर वीरु गुप्ता और एसके द्विवेदी के बीच कहा-सुनी हुई। बातों ही बातों में श्री द्विवेदी ने पीडब्ल्यूडी के प्रचार्य कक्ष में अपने पैर से जूता निकालकर टेबल पर रख दिया और हाव-भाव बताते हैं कि उन्होंने वीरु गुप्ता से कहा कि ले जूता मार ले…। 21 जुलाई को सुबह 11.30 से 12 बजे के मध्य हायर सेकेण्डरी स्कूल पीडब्ल्यूडी रामपुर के प्राचार्य दफ्तर में यह घटनाक्रम हुआ जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। यही नहीं प्रभार लेने को लेकर बीईओ के समक्ष भी ये दोनों उलझ चुके हैं।

https://youtu.be/nvnICuZOcJU

श्री द्विवेदी का कहना है कि उन्हें उच्च स्तर से एक्सटेंशन इसी पद के लिए मिला है वहीं वीरु गुप्ता नोडल अधिकारी के द्वारा जारी आदेश का हवाला देकर पदस्थापना चाह रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्कूलों के निरीक्षण में दोनों के द्वारा बतौर संकुल प्रभारी हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। यह पूरा वाकया और घटनाक्रम का वायरल वीडियो शिक्षा महकमे में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
पूरे मामले से अवगत जिला शिक्षा अधिकारी को चाहिए कि इस विवाद का जल्द से जल्द समाधान करें जिससे संकुल की शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

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