Monday, March 23, 2026
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कोरबा:निजी भूमि पर सरपंच माथुर की नीयत बिगड़ी,ग्रामीणों को बरगला कर भू स्वामी को काबिज होने से रोक रहा


0 विक्रेता मूल भू स्वामी ने चाही सरपंच पर कार्यवाही,शिकायत पर जांच शुरू
कोरबा-पाली(खटपट न्यूज़)। पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत नानपुलाली के सरपंच द्वारा ग्रामवासियों को उकसाकर निजी भू-स्वामी को उसकी जमीन पर काबिज होने से रोका जा रहा है। पीड़ित ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से करते हुए सरपंच के विरुद्ध कार्यवाही एवं जमीन पर कब्जा दिलाने का आग्रह किया है।

शिकायतकर्ता पीड़ित पक्ष

जानकारी के अनुसार ग्राम पुलालीकला निवासी जवाहर सिंह पिता चमार सिंह गोंड़ तहसील पाली की शामिलात खाते की भूमि खसरा नंबर 13, 21, 22/2, 40 / 1ख शामिल 41, 40 / 1झ, 40 / 3 कुल रकबा 3.908 हे. स्थित है। उपरोक्त खसरा नंबरों में से खसरा नंबर 40 /1 ख शामिल नंबर 41 कुल रकबा 3.224 हे. में से रकबा 2.722 हे. भूमि को समस्त खातेदारों की सहमति से ओम प्रकाश धुर्वे को विक्रय कर दिया गया है। उक्त भूमि के विक्रय की सूचना ग्राम के सरपंच माथुर सिंह को होने पर उनके द्वारा डराया एवं धमकाया जा रहा है कि तू किसी और गांव का निवासी है और मुझसे पूछे बिना क्रय-विक्रय किया है, देखता हूँ कैसे कब्जा में आयेगा और कृषि कार्य करेगा और तुम्हारे शेष भूमि में भी कृषि कार्य नहीं करने दूंगा। पीड़ित जवाहर ने बताया कि ओम प्रकाश धुर्वे को हल्का पटवारी से चौहद्दी प्राप्त कर विधिवत पंजीकृत विक्रय पत्र 28 मार्च 2022 के माध्यम से जिला पंजीयक के समक्ष विक्रय किया गया है। विक्रय उपरांत उक्त भूमि को चारों तरफ फेंसिंग तार से घेरने का प्रयास किया गया जिसके खम्भों को सरपंच माथुर सिंह द्वारा ग्रामवासियों को बरगला कर व क्रय की गई निजी भूमि को शासकीय प्रयोजन हेतु प्रयोग किए जाने तथा ग्रामवासियों द्वारा आपस में बांट लेने की भ्रामक जानकारी देकर उखाड़ कर फेंक दिया गया। शिकायत पर पाली पुलिस ने ग्राम वासियों को समझाईस देकर सीमांकन कराने की सलाह जवाहर को दिया। राजस्व अमला सीमांकन करने पहुंचा तो सरपंच माथुर सिंह द्वारा ग्राम वासियों को निजी भूमि पर गौठान बनाने की बात कहते हुए भड़काकर राजस्व अधिकारियों को सीमांकन से रोक दिया गया। पीड़ित जवाहर ने बताया कि जरूरत पड़ने पर उसने जमीन का हिस्सा बेचा है और सरपंच की हरकतों से खरीददार ओमप्रकाश विक्रय निरस्त कर पैसा वापस मांगने लगा है लेकिन राशि खर्च हो जाने के कारण लौटाना संभव नहीं है। सरपंच की वजह से पूरा परिवार मानसिक तौर पर प्रताड़ित हो रहा है और ग्रामवासी भी बहकावे में है। पीड़ित ने जिला मुख्यालय पहुंचकर एडीएम विजेन्द्र पाटले को आवेदन सौंपा जिन्होंने तत्काल पाली एसडीएम ममता रात्रे को आवश्यक जांच-पड़ताल के निर्देश दे दिए हैं। निर्देश उपरांत जांच शुरू कर दी गई है।

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