Monday, March 23, 2026
Home कोरबा केंद्रीय राशि का गौठान के नाम दुरुपयोग किया जा रहा : चौरसिया

केंद्रीय राशि का गौठान के नाम दुरुपयोग किया जा रहा : चौरसिया

कोरबा(खटपट न्यूज़)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ आदिवासी नेता पूर्व गृह मंत्री विधायक ननकीराम कंवर के प्रतिनिधि रहे भारतीय जनता युवा मोर्चा के छत्तीसगढ़ प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य अनिल चौरसिया ने जिले के प्रभारी मंत्री प्रेम साय़ टेकाम के द्वारा दिए गए बयान पर आड़े हाथों लिया है।
जारी बयान में अनिल चौरसिया ने कहा है की रामपुर विधानसभा के ग्राम पहंदा सराईडीह गौठान भ्रमण के दौरान मिडिया से कहा कि कोरबा जिले सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश में गौठान का निर्माण छत्तीसगढ़ की कांग्रेस की भूपेश सरकार की महत्वकांक्षी योजना है।

अनिल चौरसिया

इस पर चौरसिया का कहना है कि जहां गौठान में गाय होना चाहिए वहां एक भी गाय नही रहते । गौठान मे गाय पालन होना चाहिए तो कांग्रेस की सरकार कड़कनाथ मुर्गी पालन, मछली पालन कराकर गौठान के नाम पर हिंदू संस्कृति में माता के रूप में मानने वाली गौवंश के साथ हिंदू संस्कृति का अपमान किया जा रहा है। गौठान समिती को गोबर गांव के लोगो से खरीदना पडता है जबकि गौपालन यदि गौठान में होता तो निश्चित तौर पर वहां काम करने वाली स्व सहायता समूह की बहनों को मुर्गी पालन से भी ज्यादा लाभ प्राप्त होता और आज जितना गोबर वहां हो रहा है उससे करीब 10 गुना ज्यादा गोबर सरकार को मिलता। प्रदेश में जितने भी कलेक्टर सहित बड़े बड़े अधिकारी को गाय का गोबर खरीदने में ड्यूटी लगाया गया है व गोबर का हिसाब-किताब रखा जा रहा है व इसके लिए हर माह अधिकारियों को करोड़ों रुपए का वेतन देकर करोड़ रुपए का गोबर नहीं खरीद पा रहे हैं, इससे कांग्रेस की सरकार का हिसाब किताब यहीं से समझा जा सकता है। पूरा प्रदेश को कर्ज में डुबो दिए हैं ग्राम पंचायतो के विकास के लिए केंद्र सरकार 14वें वित्त, 15वे वित्त, मनरेगा, क्रेडा और डीएमएफ जैसे मद से राशि देती है। जिनमें पंचायत के जनप्रतिनिधि एवं ग्राम वासियों का अधिकार होता है लेकिन छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार ग्राम पंचायतों को मिलने वाली केंद्रीय राशि का दुरुपयोग कर ग्राम पंचायत के विकास को अवरोध कर मुर्गी व मछली पालन के लिए गौठान में खर्च कर रही है जिससे ग्रामवासियों में काफी आक्रोश है। गौठान में यदि मुर्गी पालन, मछली पालन कराना ही है तो गौठान का नाम बदलकर मुर्गी पालन केंद्र रखना चाहिए। गौठान में अध्यक्ष नियुक्त करने का अधिकार ग्रामसभा को दिया गया है लेकिन कांग्रेस की सरकार के द्वारा ग्राम सभा के अधिकार का हनन करते हुए अपने मनचाहा कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को अध्यक्ष नियुक्त प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर किया जा रहा है। गांव के भोले-भाले आदिवासी समाज से चुनकर आए सरपंच पर दबाव बनाकर प्रस्ताव में हस्ताक्षर लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ता को अध्यक्ष बनाया जा रहा है। चौरसिया ने छत्तीसगढ़ सरकार और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से पूछना चाहा है कि क्या वे बता सकते हैं कि गौठान निर्माण में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार का कितना अंशदान रुपए खर्च किया जा रहा है । गौठान में नेपियर घास चारा के रूप में रोपाई के लिए प्रदेश में करोड़ों-अरबों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन किसी भी गौठान में चारा दिखाई ही नहीं देता। इस तरह से गौठान के नाम पर सरकार भ्रष्टाचार करने में लगी हुई है। शासन से लेकर प्रशासन तंत्र भ्रष्टाचार में लिप्त है ऐसी भसरकार को आने वाले समय में जनता उखाड़कर बाहर फेंकने का मन बना लिया है। कांग्रेस का शासन काल गौठान से शुरू और गौठान में ही खत्म हो जाएगा।
00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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