
10 मई तक चलने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की हुई शुरूआत
बिलासपुर(खटपट न्यूज़)। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की शुरूआत गुरूवार को हुई। 5 मई से 10 मई तक चलने वाले इस कार्यक्रम में जिले के 1 से 19 वर्ष तक के 7 लाख से अधिक बच्चों एवं किशोर/ किशोरियों को कृमि से बचाव हेतु, एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम की शुरूआत सीएमएचओ ने की। इस दौरान “कृमि से छुटकारा, सेहतमंद भविष्य हमारा” के नारे के साथ जन-जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया।
जिले के सभी 5 विकासखंडों के बच्चों और किशोर,किशोरियों को इसका लाभ दिलाने के उद्देश्य से गुरूवार को कार्यक्रम की शुरूआत हुई। सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन की उपस्थिति में उनके कार्यालय में किशोरियों और बच्चों को कृमिनाशक गोली एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई गई। इसके बाद 10 मई तक जिले के लक्षित 1-19 वर्ष तक के 7.1 लाख बच्चों एवं किशोर/किशोरियों को कृमि से बचाव हेतु, एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने हेतु जन-जागरूकता रथ को सीएमएचओ डॉ. महाजन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा एल्बेंडाजोल की टेबलेट पूरी तरह से सुरक्षित है । कृमिनाशक गोली से बच्चों के संपूर्ण शारीरिक मानसिक विकास में मदद मिलती है। इसलिए कृमि नाशक गोली खिलाना आवश्यक है।उन्होंने जिले लक्षित 1-19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर/किशोरियों के अभिभावकों से भी उक्त कार्यक्रम में सहयोग प्रदान कर अपने बच्चों को कृमिनाशक गोली खिलाने की अपील की। “

आरएमएनसीएच कार्यक्रम के जिला सलाहकार, हमित कश्यप ने बताया ‘’जिले में 10 मई तक चलने वाले इस कार्यक्रम में इस वर्ष 1 से 19 वर्ष तक के 7.1 लाख बच्चों एवं किशोर/किशोरियों को कृमि से बचाव हेतु, एल्बेंडाजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने आगे बताया,‘’कोविड-19 महामारी से बचाव हेतु निर्गत सभी दिशा निर्देशों और आवश्यक सुरक्षा उपाय को ध्यान रखते हुए मितानिन गृह भ्रमण के दौरान कृमि नियंत्रण की दवाई घर घर जाकर खिलाएंगी। दवा खाने के उपरांत यदि कोई प्रतिकूल प्रभाव हो तो प्रबंधन के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपचार की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा रहेगी। कृमि मुक्ति दिवस पर बीमार बच्चों या पहले से कोई अन्य दवाई ले रहे बच्चों को एलबेंडाजोल की गोली नहीं दी जाएगी। ‘’ राष्ट्रीय कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक पियूली मजुमदार, आरएमएनसीएच कार्यक्रम के जिला सलाहकार, हमित कश्यप एवं अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे।
1-19 वर्ष तक को खिलाई जाएगी कृमिनाशक दवा- कृमि संक्रमण रोधी दवा खाने से किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं होता है। 10 मई तक जिले के पांचों विकासखंडों में 1-19 वर्ष तक के बच्चों, किशोर, किशोरियों का कुल लक्ष्य 7.1 लाख रखा गया है। जिसमें कुल सरकारी एवं शासकीय सहायता प्राप्त 182 स्कूलों निजी व प्राइवेट 629 स्कूलों, 1925 आंगनबाड़ी केन्द्रों के पंजीकृत और गैर पंजीकृत बच्चों को कृमिनाशक दवा मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण के दौरान कृमि नियंत्रण की गोली घर घर जाकर खिलाएंगी।















