1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को दी गई कृमिनाशक एल्बेंडाजोल

रायपुर (खटपट न्यूज़)। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल द्वारा 7 वर्षीय मयंक निषाद को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर किया गया।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल ने कहा: ‘’कृमि की दवा खिलाने से बच्चों में होने वाली खून की कमी और कुपोषण में कमी आएगी और एवं इससे बच्चों का मानसिक एवं बौद्धिक विकास होता है । इससे बच्चों के संपूर्ण शारीरिक मानसिक विकास में मदद मिलती है। एल्बेंडाजोल टेबलेट 1 से 2 वर्ष के बच्चे को आधी गोली 200 एमजी की पीसकर, 2 से 3 वर्ष के बच्चे को एक गोली 400 एमजी की पीसकर, एवं 3 से 19 वर्ष के किशोर किशोरियों को एक गोली 400mg साफ पानी के साथ चबा कर खिलाई जाएगी, एल्बेंडाजोल की गोली पूर्णतः सुरक्षित है और इसके कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं है।‘’

वहीं इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के जिला मीडिया प्रभारी गजेन्द्र डोंगरे ने बताया: ’’स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में 5 मई से 10 मई 2022 तक राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम मनाया जा रहा है। इस दौरान 1 वर्ष से 19 वर्ष के बच्चों एवं किशोर/ किशोरियों को कृमि से बचाने के लिए कृमिनाशक एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। जिले के लगभग 10.25 लाख बच्चों को इस कार्यक्रम में एल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी । इस वर्ष स्कूल की छुट्टी होने के कारण मितानीन, शिक्षक,और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम द्वारा इस कार्यक्रम के अंतर्गत घर घर जाकर दवा खिलाइ जा रही है ।‘’
एनडीडी नोडल डॉ. प्रणव वर्मा ने बताया: ‘’शुभारंभ के पूर्व बच्चों को कृमि दिवस कार्यक्रम की वीडियो फिल्म भी दिखाई गई जिससे बच्चों में कृमि के प्रति जागरूकता का संचार हो और वह अन्य बच्चों को भी जागरूक कर कुपोषण को दूर भगाने में अहम भूमिका निभा सके। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में कार्यक्रम के दौरान कोविड 19 संबंधित दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा । जिन घरों में कोविड 19 के सक्रिय केस होंगे वहां सामान्य स्थिति होने के उपरांत दवा दी जाएगी। एलबेंडाजोल की गोली खिलाने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क ,सैनिटाइजर का प्रयोग किया जाएगा। कृमि मुक्ति कार्यक्रम में बीमार बच्चों या पहले से कोई अन्य दवाई ले रहे बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली नहीं दी जाएगी।‘’
शुभारंभ अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष मेजरवार, डॉ.स्मृति देवांगन, एमसीएच नोडल, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जिला सलाहकार सृष्टि यदु,शहरी कार्यक्रम प्रबंधक अंशुल थुथगर, स्वतंत्र राहंगडाले, ज्योत्सना ग्वाल, सभी कार्यक्रम के सलाहकार, एएनएम देव कुमारी, मितानिन, अर्बन पीएचसी हीरापुर के सुपरवाइजर ललित ध्रुव एवं अन्य स्टाफ मौजूद थे।
कृमि संक्रमण के लक्षण-
कृमि संक्रमण पनपने से बच्चे के शरीर में खून की कमी हो जाती है। वे हमेशा थकान महसूस करते हैं उनकी शारीरिक, मानसिक विकास भी बाधित होती है। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
कृमि संक्रमण से बचाव के उपाय-















