कुसमुंडा खदान में बहकर लापता हुए अधिकारी का मिला शव

0 एसडीआरएफ की टीम ने रातभर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन


कोरबा (खटपट न्यूज)। एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में शनिवार शाम आए पानी के सैलाब में बह गए अधिकारी जितेंद्र नागरकर की लाश बरामद की गई है। एसडीआरएफ की टीम ने उन्हें बचाने का काफी प्रयास किया, पूरी रात टीम आपरेशन में जुटी रही, लेकिन जब तक टीम जितेंद्र तक पहुंचती उनकी सांसे थम चुकी थी। जितेंद्र के मौत की खबर से एसइसीएल अधिकारियों और कर्मचारियों में शोक व्याप्त है।


बता दें कि शनिवार को एसईसीएल कुसमुंडा मेगाप्रोजेक्ट में शाम 4.30 बजे भारी वर्षा होने के कारण खदान में कार्यरत 6 लोग पानी के बहाव में फंस गए थे। इनमें से 5 लोग सुरक्षित रूप से निकलने में सफल रहे लेकिन जितेंद्र नागरकर, सहायक प्रबन्धक (माइनिंग) पैर फिसलने के कारण पानी के बहाव में बहते चले गए। कुसमुंडा प्रबंधन ने तुरंत एक्शन लेते हुए बचाव कार्य शुरू किया एवं एसडीआरएफ़ की टीम की सहायता से श्री नागरकर को निकालने का प्रयास किया जा रहा था। पिछले दो दिनों में कोरबा सहित पूरे राज्य में भारी बारिश हुई है। खदान में एक साथ भारी मात्रा में बारिश होने के कारण, पानी की निकासी के हयूम पाइप्स में मलबा जमा हो गया जिसके कारण पानी ओवरफ़्लो होने से यह घटना हुई थी। एसईसीएल एवं कुसमुंडा प्रबंधन लगातार इस घटना की मॉनीटरिंग करता रहा और एसडीआरएफ़ की सहायता से बचाव कार्य जारी था, मगर लापता अफसर को बचाया नहीं जा सका। आखिरकार रात भर चले रैस्क्यू के बाद माइनिंग अफसर के शव को निकाला गया है। शव को विकास नगर स्थित विभागीय अस्पताल लाया गया, जहां वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि मृत अफसर जितेंद्र नागरकर 41 वर्ष के थे। कुछ समय पहले ही उनका तबादला कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी वेस्टर्न कोल फिल्ड्स लिमिटेड से से एसईसीएल हुआ था।

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