कोरबा(खटपट न्यूज)। एसईसीएल की कोरबा जिले में संचालित कुसमुंडा परियोजना खदान में गुरुवाऱ देर रात नारायणी फेस में हादसा हो गया। कोल डिस्पेच में लगी डंपर कोयला लोडिंग के लिए खदान के नीचे नारायणी कोल फेस पहुंची थी।डंपर को कुसमुंडा खदान में नियोजित कंपनी वोल्टास के द्वारा प्रशिक्षित निजी चालक द्वारा चलाया जा रहा था।चालक कोयला लोड के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। लोडिंग में समय लगने की वजह से वह स्टेयरिंग सीट पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था कि इसी दौरान कोयले का एक विशालकाय टुकड़ा डंपर के केबिन के ऊपर आ गिरा। यह पत्थर केबिन का कांच तोड़ते हुए भीतर जा घुसा जिसकी चपेट में चालक आ गया। वह गंभीर रुप से घायल हो गया। वह तेजी से केबिन का दरवाजा खोलकर नीचे उतरा व लहूलुहान पड़ा रहा। खदान में किसी अधिकारी या कर्मचारी को घटना की तुरन्त जानकारी नहीं हुई। सुबह 6 बजे कुछ कर्मचारियों के वंहा पंहुचने पर घटना की जानकारी हुई। तब तक ड्राइवर केबिन में फंसा हुआ था और काफी खून बह चुका था। कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारियों ने सूचना बाद आनन-फानन में घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया।गंभीर चालक का नाम रामजन्म यादव निवासी उत्तर प्रदेश बताया जा रहा है। सिर पर चोट लगने की वजह से उसे कोरबा के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में रखकर इलाज किया जा रहा है l
इधर हादसे के लिए वोल्टास कम्पनी को जिम्मेदार बताए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर कोयले की लोडिंग हो रही थी वहां कोयले की दिवाल काफी ऊँची थी,जिससे कोयला ऊंचाई से सीधे डंपर पर आ गिरा। नियोजित वोल्टास कंपनी के द्वारा निजी कर्मियों को प्रशिक्षण देकर डंपर चलवाना है, परन्तु प्रशिक्षण के नाम पर निजी कंपनी के ऑपरेटरो द्वारा उत्पादन का कार्य लिया जा रहा है। दो दिन में जिसे स्टेयरिंग घुमाना आ गया, उसे करोड़ो रूपये का डंफर थमा कर खदान में उतार दिया जा रहा है। इन दुर्घटनाओ में ना सिर्फ ऑपरेटर घायल हो रहे हैँ बल्कि प्रबंधन को भी लाखों-करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।















