
कोरबा (खटपट न्यूज)। प्रदेश महिला कांग्रेस के निर्देश पर पेट्रोल-डीजल, गैस-सिलेण्डर, खाद्य तेल, दाल सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि के खिलाफ जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी के नेतृत्व में सुभाष चौक में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस द्वारा चुल्हा जलाकर खाना बनाकर एवं बाईक का शव यात्रा निकालकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, खाद्य तेल, खाद्य पदार्थ, खेती उर्वरकों के दाम रोज बढ़ रहे है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले डेढ़ साल से लोग कोरोना महामारी की मार झेल रहे हैं ऐसे में मजदूर निम्न वर्ग, मध्य वर्ग के परिवार सबसे ज्यादा परेशान है। छत्तीसगढ़ में प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कई योजनाओं के तहत लोगों को सहायता पहुंचाने का कार्य कर रही है लेकिन केन्द्र सरकार लोगों के जेबों पर डाका डालने में लगी हुई है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सपना चौहान ने बताया कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल थी तब भी मनमोहन सिंह जी ने पेट्रोल 72 रूपये और डीजल 55 रूपये से अधिक बढ़ने नही दिया और आज जब कच्चे तेलों के किमतों में 36 प्रतिशत की कमी के बावजूद पेट्रोल व डीजल लगभग 100 रूपये से अधिक मूल्य में लेने पड़ रहे है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी ने कहा कि 2014 के पूर्व सत्ता प्राप्त करने के लिए भाजपा के शीर्ष पक्ति के नेताओं नें महंगाई को मुद्दा बनाकर देश भर में प्रदर्शन आंदोलन करवाया। बहुत हुई मंहगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार के नारे लगवाये। इस नारे को इतना ज्यादा प्रचारित करवाया गया कि देश भर के आम नागरिकों ने सही माना और सत्ता उन्हें सौंप दी लेकिन आज वही जनता बहुत हुई मंहगाई की मार, रहम करो मोदी सरकार के नारे लगा रहे है। ये पीड़ित किसान, मजदूर, मध्य, निम्न वर्ग के लोग 2024 में मोदी सरकार के वायदों का जवाब देने तैयार है।
कोरबा ब्लॉक अध्यक्ष संतोष राठौर ने कहा कि पिछले महिनों में 30 रूपये प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल में बढ़ाये गये है यह पहली बार देखने में मिला है कि पेट्रोल-डीजल के दाम एक हैं। अंधेर नगरी चौपट राजा-टके सेर भाजी टके सेर खाजा के कहावत चरितार्थ करती है। उन्होने बताया कि पिछले 7 वर्षो में घरेलू रसोई गैस के दाम दो गुनी हो गई है। 2014 में घरेलु गैस के दाम 410 रूपये प्रति सिलेंडर थी और आज 910 रूपये सिलेंडर मिल रहे है। इसी वर्ष मात्र 7 महिनों के अंतराल में घरेलू गैस सिलेण्डर की कीमतों में 241 रूपयें की बढ़ोतरी की गई है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री श्रीमती उषा तिवारी ने कोरोना महामारी के बाद महंगाई को राष्ट्रीय आपदा बताते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी करने से परिवहन महंगा हुआ और परिवहन महंगा हुआ तो हर प्रकार के सामाग्री के दाम बढ़े। इसका एक ही मतलब निकल कर सामने आता है कि केन्द्र की मोदी सरकार ने भारत की जनता को कोरोना के मार से उबरने से पहले ही मंहगाई की चपेट में लाने की सारे इंतजाम कर दिये है।
कु. शांता मण्डावे ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अनावश्यक बयान बाजी कर जनता का ध्यान भटकाने में लगे है। अपनी नाकामयाबी को छिपाने के लिए, आवश्यक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए अनावश्यक बयानबाजी करनें लगते है। उन्होने आगे बताया कि केरोसिन (मिट्टी तेल) को गरीबों का ईधन माना गया है घर में रसोई से लेकर रोशनी तक के लिए मिट्टी तेल का उपयोग किया जाता है जो मिट्टी तेल 2014 में चुनाव के पूर्व 10 रूपये प्रतिलीटर थी आज 30 रूपये से भी अधिक में बिक रहा है।
एल्डरमेन संगीता सक्सेना ने कहा कि कोरोनाकाल में केंद्र सरकार द्वारा लगभग 66 बार पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में वृद्धि की गई है। जिससे चरमराती अर्थव्यवस्था से जूझ रहे देश के आम नागरिक की कमर टूट गई है। केंद्र सरकार को उत्पाद शुल्क में कमी करनी चाहिए।
श्रीमती अर्चना उपाध्याय ने कहा कि केंद्र सरकार गरीब, मजदूर, किसान व मिडिल क्लास को राहत देने की बजाय टैक्स का बोझ डालकर लूटने का काम कर रही है। उन्होने आगे कहा कि केन्द्र सरकार पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम कर जनता को तुरंत राहत प्रदान करे।
विरोध धरना प्रर्दशन में प्रमुख रूप से रूपा मिश्रा, द्रोपदी तिवारी, प्रेमलता मिश्रा, गीता गभेल, सीमा उपाध्याय, गौरी चौहान, ममतारानी अग्रवाल, गीता मंहत, तुलसी केंवट, राजमति यादव, सीमा उपाध्याय, प्रीति चौहान, राजेश यादव, कमलेश सैनी, सुमित्रा साहू, मीरा चौहान, संतोषी पटेल, प्रेरणा कैवर्त, श्याम बाई चौहान, राजमति पटेल, मीना विश्वकर्मा, नन्दा फडवरे, सविका पासवान, सुशीला सिंग, माधुरी धु्रव, शशी अग्रवाल, झलकंवर ठाकुर, शकुंतला चौहान, बिंदा सेवइया, जगेश्वरी साहू, सरोजा महंत, राजेश्वरी रजक, सौदारानी सावित्री, चंद्रवती साहू, ललिता शर्मा, सुलेखा उपाध्याय, आरती उपाध्याय, बुधवारा यादव, निशा यादव, अमरीका बाई, छतबाई चौहान, ललिता कंवर, परसन बाई, पल्लवी साहू, अनीता साहू, लतानंद, चीनीमति मांझी, मीना देवी, गिरिजा कंवर, सोनकुंवर, जमुना मांझी आदि उपस्थित थे।















