Sunday, March 29, 2026
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कटघोरा विधानसभा में भाजपा किस पर जताएगी भरोसा, देवेन्द्र सहित कई इंतजार में

कोरबा(खटपट न्यूज़)। आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट हासिल कर बतौर प्रत्याशी चुनाव लडऩे के लिए दावेदारों के प्रस्तुत नामों पर मंथन हो रहा है। कोरबा जिले से पहली सूची में लखनलाल देवांगन को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कटघोरा, रामपुर और पाली-तानाखार के लिए कश्मकश का दौर जारी है। इनमें कोरबा के बाद दूसरी महत्वपूर्ण सीट कटघोरा को भी माना गया है।
भारतीय जनता पार्टी की टिकट से चुनाव लडऩे के लिए भाजपाईयों ने दावा किया है। कटघोरा विधानसभा से दावेदारों की लंबी लिस्ट संगठन को भेजी गई है। दावेदारों में जहां जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद पटेल, पूर्व राज्य खाद्य आयोग के सदस्य ज्योतिनंद दुबे, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष पवन गर्ग सहित दर्जनों लोगों के नाम शामिल हैं तो वहीं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता देवेन्द्र पाण्डेय भी प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। भाजपा नेताओं ने अपने-अपने स्तर पर मजबूत दावेदारी पेश करने के साथ संगठन से अपेक्षा जाहिर की है कि उन्हें एक मौका दिया जाएगा। यूं तो ज्योतिनंद दुबे को एक बार पहले भी मौका मिल चुका है। पूर्व जिलाध्यक्ष पवन गर्ग सहित मनोज शर्मा भी क्षेत्र में पकड़ रखते हैं और प्रेमचंद पटेल का नाम ठीक लखनलाल देवांगन की तरह ही सामने उभरा है।
बात करें देवेन्द्र पाण्डेय की तो जमीनी स्तर से जुड़े होने के कारण देवेन्द्र पाण्डेय की लोगों में अच्छी पकड़ भी है। भाजपा शासनकाल में वर्ष 2010 से 15 तक देवेन्द्र पाण्डेय जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर के अध्यक्ष रहे और उन्होंने इस कार्यकाल में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए जनहित में बहुत से कार्य कराए जिसे लोग आज भी नहीं भूलते। संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए देवेन्द्र पाण्डेय ने पार्टी को मजबूत करने के साथ-साथ भाजपा की रीति-नीति को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका का निर्वहन किया है। वर्ष 2010 से 2015 तक देवेंद्र पांडेय ने अपने अध्यक्षीय कार्यकाल में कटघोरा में 70 गावों के किसानों के लिए बैंक का पक्का भवन निर्माण कराया। यहां किसानों के लिए विश्राम गृह भी बनवाया। पोड़ी में लगभग 70 सालों से लंबित मांग को पूरा करते हुए नया बैंक खुलवाया। ग्राम भिलाई में वर्षों से बंद सोसाइटी को चालू करवाया और किसानों का वर्षों से लंबित 40 से 50 लाख रुपए डूबने से बचाया। ऐसी अनेक उपलब्धियां उन्हें इस क्षेत्र में दावेदार बनाती हैं।

टिकट की दौड़ में भाजपा के वरिष्ठ नेता केदारनाथ अग्रवाल भी शामिल हैं जो क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं। ग्राम उतरदा रेलडबरी उनका पैतृक निवास होने के कारण जमीन से जुड़े भी है और व्यवसाय क्षेत्र में रहते हुए भी अपने क्षेत्रवासियों के लिए काम किया है। इसी तरह कोरबा विधानसभा से पिछली बार चुनाव लडऩे वाले विकास महतो भी कटघोरा क्षेत्र से चुनाव लडऩे के लिए टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं लेकिन विकास जो कि अपने ही घर में चुनाव हार चुके हैं, उन्हें कटघोरा विधानसभा में पैराशूट प्रत्याशी के तौर पर उतारे जाने को वहां के लोग शायद ही स्वीकार करें। विधानसभा चुनाव हारने के बाद विकास महतो कभी भी जनता के बीच नजर नहीं आए और न ही पार्टी, संगठन की जिला स्तरीय बैठकों और आयोजनों में उन्हें देखा गया, कुछ अपवाद छोडक़र। विगत 5 वर्षों में कभी भी नजर नहीं आने वाले विकास महतो अप्रत्यक्ष तौर पर टिकट की दौड़ में तो हैं लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि उनका चुनाव लडऩे का इरादा नहीं है। कुल मिलाकर कटघोरा से चुनाव लडऩे के लिए टिकट की दौड़ में लगे भाजपाईयों में से किस नाम पर संगठन अपनी मुहर लगाएगा यह तो पदाधिकारी जाने, लेकिन जनता के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए कवायद जरूर शुरू कर दी गई है।

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